Jaipur: पर्यटन सीजन में प्रशासन का फरमान, पुराने शहर में बैटरी रिक्शा पर ब्रेक, 30 हजार चालक बेरोजगार
Jaipur E-Rickshaw Ban: जयपुर के पुराने शहर में बैटरी रिक्शा पर लगी रोक से 30 हजार चालक बेरोजगार हो गए हैं. आम लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है, वहीं ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं.

जयपुर की पहचान माने जाने वाले पिंक सिटी यानी पुराने शहर में प्रशासन का एक फैसला इन दिनों लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. 20 दिसंबर से परकोटे में बैटरी रिक्शा के संचालन पर रोक लगा दी गई है. इस फैसले से जहां हजारों रिक्शा चालक बेरोजगार हो गए हैं, वहीं आम लोगों और व्यापारियों की रोजमर्रा की आवाजाही भी मुश्किल हो गई है.
जयपुर शहर में करीब 80 हजार बैटरी रिक्शा चलते हैं, जिनमें से लगभग 30 हजार पुराने शहर के इलाकों में संचालित होते थे. अचानक लगी पाबंदी के बाद इन चालकों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
रिक्शा चालकों का कहना है कि ट्रैफिक जाम के लिए सिर्फ उन्हें जिम्मेदार ठहराना गलत है. फुटपाथों पर अतिक्रमण, दुकानों का सामान बाहर फैलाना, ऑटो और अन्य वाहनों की मनमानी भी जाम की बड़ी वजह है.
रोजाना जब्ती, डंपिंग यार्ड पहुंच रहे रिक्शा
प्रशासन ने पाबंदी के साथ सख्ती भी शुरू कर दी है. हर दिन सैकड़ों बैटरी रिक्शा जब्त कर डंपिंग यार्ड भेजे जा रहे हैं. प्रशासन का तर्क है कि साल के आखिरी और नए साल की शुरुआत में बड़ी संख्या में पर्यटक जयपुर आते हैं. ऐसे में परकोटे की संकरी सड़कों पर बैटरी रिक्शा जाम की स्थिति पैदा करते हैं, इसलिए अस्थायी रूप से इन्हें बंद किया गया है.
बैटरी रिक्शा बंद होने का असर आम लोगों पर साफ दिख रहा है. पुराने शहर में रहने वाले और यहां कारोबार करने वाले लोग या तो पैदल चलने को मजबूर हैं या फिर ऑटो वालों को मनमाना किराया देना पड़ रहा है.
लोगों का कहना है कि जहां बैटरी रिक्शा 10 से 20 रुपये में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा देता था, वहीं अब ऑटो वाले उसी दूरी के 50 रुपये या उससे ज्यादा मांग रहे हैं.
चालकों ने किया विरोध प्रदर्शन
बैटरी रिक्शा चालकों ने कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन भी किए हैं. उनका कहना है कि प्रशासन कुछ शर्तों के साथ उन्हें चलने की अनुमति दे, ताकि उनकी रोजी-रोटी बच सके.
फिलहाल पाबंदी 10 जनवरी तक लागू है. इसके बाद रजिस्ट्रेशन की जांच, कलर कोडिंग और सीमित रूट तय करने की बात कही गई है, जिसमें करीब दो महीने लग सकते हैं.
जयपुर में टूरिस्ट सीजन मकर संक्रांति के बाद तक चलता है. ऐसे में बैटरी रिक्शा पर लगी रोक से न तो रिक्शा चालक खुश हैं, न आम नागरिक और न ही पर्यटक. अब सबकी नजर 10 जनवरी के बाद प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















