जयपुर में मुस्लिमों का बड़ा प्रदर्शन, महिलाएं भी हुईं शामिल, क्या की जा रही मांग?
Waqf Act 2025: जयपुर में मुस्लिम संगठनों ने शहीद स्मारक पार्क में प्रदर्शन किया, जिसमें बुर्कानशीन महिलाओं समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने कानून में बदलाव वापस लेने की मांग की.

Protest Against Waqf Act 2025: सुप्रीम कोर्ट में मामला पेंडिंग होने के बावजूद वक्फ कानून में बदलाव के विरोध में मुस्लिम संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर आज (गुरुवार, 22 मई) देश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर कानून में बदलाव के खिलाफ हुंकार भरी जा रही है और फैसले को वापस लिए जाने की मांग की जा रही है. इसी कड़ी में राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी आज एक बड़ा प्रदर्शन किया गया.
इस प्रदर्शन में कई मुस्लिम संगठनों से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम मुस्लिम भी शामिल हुए. इस प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में बुर्कानशी मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हुईं और कानून में बदलाव के खिलाफ जमकर हुंकार भरी.
'सरकार फौरन वापस ले बदलाव'
मुस्लिम संगठनों का यह विरोध प्रदर्शन शहीद स्मारक पार्क में हुआ. इस प्रदर्शन में भारी भीड़ जुटाकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक़्फ़ कानून को लेकर अपना रुख भी साफ किया. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि वक़्फ़ कानून में बदलाव उन्हें किसी कीमत पर मंजूर नहीं है और सरकार को इसे फौरन वापस ले लेना चाहिए. यह कानून सिर्फ मुसलमानो ही नहीं, बल्कि देश के संविधान के भी खिलाफ है और यह हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
वक्फ एक्ट के खिलाफप्रदर्शन में शामिल रहे ये लोग
इस प्रदर्शन की अगुवाई मुख्य रूप से राजस्थान बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्य यास्मीन फारूकी, जमीयत इस्लामी हिंद के प्रदेश अध्यक्ष सैयद मोहम्मद नाजिम, वेलफेयर पार्टी ऑफ़ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष वक़ार अहमद, जमीयत के प्रेस सेक्रेट्री डाक्टर नासिर, फिरोज अहमद और वेलफेयर पार्टी की पदाधिकारी नासिरा जुबैरी ने की.
प्रदर्शन में कहा गया कि वक़्फ़ कानून में बदलाव के विरोध में कोर्ट में दलीलें पेश की जा रही हैं और साथ ही सड़कों पर भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जा रहा है. इसके साथ ही जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है.
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Source: IOCL






















