कोटा: मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, नाव नहर में पलटने से 4 युवक डूबे
राजस्थान के कोटा शहर में 20 अक्टूबर मंगलवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलट गई. नाव पलटने से चार युवक तेज बहाव में बह गए, जबकि दो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

राजस्थान के कोटा शहर में 20 अक्टूबर मंगलवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में 80 फीट रोड स्थित स्टील ब्रिज के पास कोटड़ी नहर (चंबल नदी की दाईं मुख्य नहर) में विसर्जन के दौरान नाव पलट गई. हादसे में चार युवक तेज बहाव में बह गए, जबकि दो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. युवको की तलाश में एसडीआरएफ, नगर निगम की गोताखोर टीम और सिविल डिफेंस के जवान जुट गए. देर शाम तक लापता बच्चों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था.
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोटड़ी नहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान विज्ञान नगर के संजय नगर से आए बच्चों और युवकों की नाव का संतुलन बिगड़ गया और वो पानी में पलट गई. नाव पलटते ही बच्चे नहर में गिर गए. हादसे में केशु, गोलू, सुरेश और राहुल के डूबने की जानकारी सामने आई,जबकि माला कंवर और दीपक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
सूचना मिलते ही पहुंचीं रेस्क्यू टीमें
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल सक्रिय हो गए. एसडीआरएफ के जवानों, नगर निगम की गोताखोर टीम और सिविल डिफेंस ने नहर में तलाश अभियान शुरू किया. नहर में पानी के तेज बहाव को देखते हुए बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना रहा. लापता बच्चों का पता लगाने के लिए रेस्क्यू टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाश की. पानी की आवक कम कराने के प्रयास भी किए गए, ताकि तलाशी अभियान में मदद मिल सके.
ओम बिरला ने मौके पर पहुंचकर दिए निर्देश
हादसे की सूचना मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों से बचाव कार्य की जानकारी ली और लापता बच्चों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए. बिरला ने एसडीआरएफ को तलाशी अभियान का दायरा बढ़ाने तथा नहर में स्टॉपर्स वाले स्थानों पर भी सघन तलाश करने को कहा, ताकि कोई स्थान छूटने न पाए. उन्होंने अधिकारियों को सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए.
मंत्री मदन दिलावर ने संभाली निगरानी
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भी मौके पर मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की. हादसे की जानकारी मिलते ही उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी बचाव दलों के साथ समन्वय बनाकर लापता बच्चों की तलाश में जुटे रहे.
हादसे के कारणों की जांच के निर्देश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जिला कलेक्टर को हादसे के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए. साथ ही भविष्य में विसर्जन के दौरान इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया. नहर में बच्चों के डूबने की घटना के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना रहा. प्रशासन की प्राथमिकता लापता बच्चों का पता लगाना और रेस्क्यू ऑपरेशन को जल्द से जल्द पूरा करना रही.
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