भरतपुर की सेंट्रल जेल में अनपढ़ बंदी हो रहे साक्षर, जानें कितने कैदी कर रहे ITI और ग्रेजुएशन की पढ़ाई?
Bharatpur News: सेंट्रल जेल सेवर के विचाराधीन बंदी भविष्य को संवारने में जुटे हैं. जेल प्रशासन की तरफ से साक्षरता क्लास लगाई जा रही है. पढ़ाई में सीनियर बंदी भी मदद कर रहे हैं.

Rajasthan News: भरतपुर की सेंट्रल जेल सेवर में अनूठी पहल शुरू की गई है. जेल प्रशासन ने बंदियों की पढ़ाई के लिए विशेष अभियान चलाया है. अभियान के तहत सजायाफ्ता कैदियों को साक्षर और ग्रेजुएट किया जा रहा है. अनपढ़ बंदियों के लिए जेल में क्लास की व्यवस्था की गई है. आईटीआई में पलम्बर और इलेक्ट्रिशियन का कोर्स भी कराया जा रहा है. कुल 80 बंदी ग्रेजुएशन और आईटीआई की पढ़ाई कर रहे हैं.
साक्षरता अभियान में सीनियर बंदियों की भी मदद ली जा रही है. जेल सुपरिटेंडेंट परमजीत सिंह ने बताया कि विशेष अभियान के जरिए शिक्षा का प्रचार प्रसार किया जा रहा है. इग्नू की मदद से जेल के अंदर प्रोग्राम शुरू कए गए हैं. 80 बंदियों ने इग्नू के अलग-अलग कोर्स में एडमिशन लिया है. 34 बंदी आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन और प्लम्बर का कोर्स कर रहे हैं. जेल में साक्षरता अभियान भी शुरू किया गया है.

जेल प्रशासन की अनूठी पहल
अभियान के अंतर्गत 35 बंदियों को साक्षर किया जा रहा है. पढ़ाई के लिए चार्ट, कॉपी, स्लेट पेन कैदियों को मुहैया कराए गए हैं. कैदियों के अनपढ़ होने का फैसला जेल में रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाते वक्त हो जाता है. रजिस्टर पर साइन नहीं करने वाले बंदी को साक्षरता बैरक में भेज दिया जाता है. साक्षरता बैरक में कैदी को अक्षरों का ज्ञान देने की प्रक्रिया शुरू होती है. पढ़ाने की जिम्मेदारी सीनियर बंदी को दी जाती है.
कैदियों को कर रहा है साक्षर
जेल प्रशासन की कोशिश कैदियों को साक्षर बनाने की है. सजायाफ्ता बंदियों को भी जिल में शिक्षित किया जा रहा है. बंदी अलग-अलग बैरक में रात और दिन पढ़ाई कर सकते हैं. पढ़ाई में खलल नहीं डाला जा सकता. महिला जेल भी लगभग 50 कैदियों को ब्यूटी पार्लर जैसे व्यावसायिक कोर्स कराये जा रहे हैं. प्रशिक्षक महिला कैदियों को नियमित रूप से सिखाने के लिए आते हैं.
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