वक्फ बिल पर अजमेर दरगाह के सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती का बड़ा बयान, 'यह विधेयक मुसलमानों के...'
Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर विरोध के बीच ऑल इंडिया सूफी सज्जादा नशीन काउंसिल के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने उसका समर्थन किया है. उन्होंने सरकार पर भरोसा जताया है.

Syed Naseruddin Chishty on Waqf Amendment Bill: संसद में आज (बुधवार, 2 मार्च) को संसद में वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया, जिसपर दो दिन तक चर्चा चलेगी. मुस्लिम संगठन और वक्फ बोर्ड सहित कई विपक्षी नेता यह दावा कर रहे हैं कि यह विधेयक मुसलमानों के खिलाफ है. हालांकि, अजमेर से ऑल इंडिया सूफी सज्जादा नशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती इस दावे से सहमत नहीं हैं. उन्होंने वक्फ बिल का समर्थन किया है.
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, "आज संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश हुआ. यह बिल मुसलमानों के हित में होगा, इस बात की पूरी उम्मीद है. सबकी बातें सुनने के बाद बड़ी तसल्ली से इस बिल को पेश गया. लोगों की आपत्तियों को देखने सुनने के बाद सरकार बिल को और बेहतर कर के लाई होगी. अब यह तो देखने पर पता चलेगा कि बिल कैसा है. अच्छी बहस होगी और फिर ही बिल पास होगा."
ऑल इंडिया सूफी सज्जादा नशीन काउंसिल के चेयरमैन ने कहा, "विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है. जो विरोध कर रहे हैं, उनका अधिकार है. लोकतांत्रिक देश में इसपर कोई रोक टोक नहीं होती है. विरोध का कारण यह हो सकता है कि ज्यादातर लोग समझ नहीं पा रहे हैं. ये आम लोग हैं, जिन्हें समझाने की जरूरत है. हम भी यही कोशिश कर रहे हैं."
VIDEO | On Waqf Bill, All India Sufi Sajjada Nasheen Council Chairman Syed Naseeruddin Chisti from Ajmer says, "I hope that the Bill will be in favour of Muslims, the Bill is being tables after listening to everyone. They would have made it better. It is to be seen yet. I hope… pic.twitter.com/q9MDwFMhTX
— Press Trust of India (@PTI_News) April 2, 2025
'वक्फ बिल के जरिए धार्मिक संपत्तियां होंगी सुरक्षित'
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने सरकार पर भरोसा जताने की बात कही है. उन्होंने कहा, "सरकार आधिकारिक तौर पर कह रही है कि वक्फ संपत्ति का विकास होगा और इसे सही काम में लगाया जाएगा. तमाम धार्मिक संपत्तियां जो वक्फ से अटैच हैं, उन्हें प्रोटेक्ट किया जाएगा. हमें सरकार के बयान पर यकीन करना चाहिए और फिलहाल भरोसा रखते हुए इंतजार करना चाहिए.""
मुसलमान को नुकसान या फायदा?
यह पूछे जाने पर कि नए वक्फ बिल से मुसलमानों को फायदा होगा या नुकसान? सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने जवाब दिया, "सरकार यह बिल मुसलमानों के हित के लिए ला रही है. सरकार मुसलमानों के फायदे की नीयत से ही बिल ला रही है, ताकि इसका फंड और रेंट आदि सही तरीके से इकट्ठा किया जा सके. उसका हिसाब हो और प्रक्रिया में पारदर्शिता आए. अगर सरकार की यह मंशा है तो फिर बिल आने दीजिए."
'गैर मुस्लिम आए तो भी दिक्कत नहीं'
यह पूछे जाने पर कि बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों के शामिल होने की बात भी कही गई है, उन्होंने कहा कि आ रहे हैं तो आने दीजिए, क्या फर्क पड़ता है. आज वक्फ ट्रिब्यूनल में जज भी तो नॉन-मुस्लिम होते हैं, इसपर आप आपत्ति कर सकते हैं? अगर नहीं आए तो अच्छी बात है, लेकिन अगर आते हैं तो इसपर किसी को आपत्ति नहीं करनी चाहिए. यह कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं है.
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Source: IOCL























