पंजाब में बाढ़ का कहर, रावी दरिया में तबाही, 80 गांव तबाह, सेना ने संभाला मोर्चा
Punjab News: रणजीत सागर डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है. इसके कारण रावी दरिया उफान पर है और करीब 80 गांव प्रभावित हुए हैं. सेना और NDRF की टीमों ने कई लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया.

पंजाब में रणजीत सागर डैम की झील का जलस्तर अपने खतरे के निशान से ऊपर जा चुका है, जो कि 527 मीटर है. इसके कारण रणजीत सागर डैम से सीधा पानी रावी दरिया में फ्लड गेटों के जरिए छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते रावी दरिया पूरे उफान पर है. यही नहीं, रावी दरिया ने नरोट जैमल सिंह व बमियाल सेक्टर में काफी तबाही मचाई है.
रावी में ज्यादा पानी आने के कारण कहीं पर रावी दरिया का तटबंध टूट चुका है और कहीं पर यह ओवरफ्लो होकर लोगों के घरों और खेतों को नुकसान कर रहा है. इसके चलते स्थानीय लोग जहां अपने घरों को छोड़कर कहीं सुरक्षित जगह पर जा रहे हैं, वहीं कुछ लोग अपने घरों में ही फंसे हुए हैं.
लोगों का काफी जान-माल का नुकसान हुआ
हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है और बताया जा रहा है कि इतना पानी 1988 के समय आया था. उसके बाद अब इस बार इतना पानी आया है, जिस कारण लोगों का काफी जान-माल का नुकसान भी हुआ है.
यही नहीं, भारत-पाक सरहद के साथ लगते पहाड़ीपुर व जैतपुर BSF की पोस्ट के जवानों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भी कहा गया है क्योंकि ये दोनों पोस्ट पानी में डूब चुकी हैं.
80 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए
रावी दरिया के उस पार भारत-पाक सरहद के साथ करीब 80 गांव ऐसे हैं, जो बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. वहीं, घरों की छतों पर फंसे गांव ताश के आठ लोगों को NDRF की टीम ने रेस्क्यू किया है. इसके साथ ही रावी दरिया में फंसे हुए 7 लोगों को रेस्क्यू करने के लिए कड़ी मशक्कत की गई और उन्हें सेना के चॉपर के जरिए सुरक्षित निकाला गया.
इस बारे में बात करते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि रावी दरिया, उज्ज दरिया और जलालिया दरिया उफान पर हैं, जिसके कारण पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. इसी कारण लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं.
हालात का जायजा लेने के लिए कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक पहुंचे
इस पूरे हालात का जायजा लेने के लिए कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक भी पहुंचे. उन्होंने बताया कि 1988 के बाद ऐसी बाढ़ की स्थिति बनी है. इसके अलावा, रावी दरिया की बाढ़ से 80 गांव प्रभावित हुए हैं.
उन्होंने बताया कि यही नहीं, भारत-पाक सीमा पर स्थित भारतीय पोस्ट भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें पानी घुस चुका है. कुछ लोगों को आर्मी चॉपर की मदद से रावी दरिया से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है.
Source: IOCL






















