अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी पर सुप्रिया सुले ने उठाए सवाल, 'देश में अघोषित इमरजेंसी'
सुप्रिया सुले ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की हिरासत को गलत बताते हुए सवाल किया कि क्या देश में अघोषित इमरजेंसी है. उन्होंने युवाओं के प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन किया.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे गलत और असंवैधानिक बताया. सुले ने आशंका जताई कि क्या देश में अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति बन रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बच्चों और युवाओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और आने-जाने का अधिकार होना चाहिए.
सुप्रिया ने कहा कि CJP से जुड़े लोग संवैधानिक सिद्धांतों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जा रहे थे. उन्होंने सवाल किया कि उनकी मांगें सुनने के बजाय उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया. सुले ने कहा कि पुलिस ने जिस तरीके से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, वह गलत और असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि देश ने पहले भी आपातकाल का दौर देखा है और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर उन्हें चिंता हो रही है.
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‘बच्चों को अपनी बात रखने का अधिकार’
सुले ने कहा कि लोकतंत्र में बच्चों और युवाओं को कहीं आने-जाने या अपनी बात रखने से नहीं रोका जाना चाहिए. उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी युवाओं की बात सुनना है, न कि उन पर लाठीचार्ज करना. सांसद ने प्रदर्शनकारियों को देश के बच्चों का हिस्सा बताते हुए कहा कि वे सभी के बच्चे हैं और उनके अधिकारों का सम्मान होना चाहिए.
संविधान और मीडिया को लेकर भी उठाए सवाल
सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई से संवैधानिक मूल्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा, “संविधान की हत्या कर रहे हैं ये लोग.”मीडिया पर निशाना साधते हुए सुले ने एक चैनल की उस रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि प्रदर्शन में पकड़े जाने वाले बच्चों के पासपोर्ट में दिक्कत हो सकती है.
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