'कोई भी लक्ष्य पहुंच से दूर नहीं', ऑपरेशन सिंदूर पर बोले IAF चीफ एपी सिंह, पाक को चेतावनी!
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को वायुसेना की क्षमता-केंद्रित रणनीति का प्रमाण बताया है.

भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि पश्चिमी मोर्चे पर 1,200 किलोमीटर की चौड़ाई और 200 किलोमीटर की गहराई तक किए गए सटीक हमलों ने साबित कर दिया कि वायुसेना की पहुंच से कोई भी लक्ष्य बाहर नहीं है. ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने यह बात कही. उनके इस बयान को पाकिस्तान के लिए एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह अभियान वायुसेना की क्षमता-केंद्रित रणनीति की प्रभावशीलता का प्रमाण है.
समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में एयर चीफ मार्शल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर साबित किया कि देश की सुरक्षा के लिए वायु शक्ति निर्णायक भूमिका निभाती है. यह देश की ओर से जवाबी कार्रवाई करने का प्रमुख माध्यम होने के साथ-साथ एक रणनीतिक निवारक भी है.
पश्चिमी मोर्चे पर सटीक हमलों से दिखाई वायुसेना की ताकत
चार दिन तक चले ऑपरेशन सिंदूर की निगरानी करने वाले वायुसेना प्रमुख ने कहा, “पश्चिमी मोर्चे पर 1,200 किलोमीटर की चौड़ाई और 200 किलोमीटर की गहराई तक किए गए सटीक हमलों ने साबित कर दिया कि वायुसेना की पहुंच से कोई भी लक्ष्य बाहर नहीं है. ऑपरेशन सिंदूर वायुसेना की उस क्षमता-केंद्रित रणनीति का प्रमाण था, जिस पर वह लगातार काम कर रही है.”
उन्होंने अभियान के दौरान स्वदेशी हथियारों के प्रदर्शन की भी सराहना की. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पीटीआई से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने देश की प्राथमिक जवाबी शक्ति और रणनीतिक निवारक के रूप में वायु शक्ति की निर्णायक भूमिका को फिर से स्थापित किया. उन्होंने कहा कि कई स्वदेशी हथियारों ने असाधारण प्रदर्शन किया और दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया.
कई विकल्पों से जवाबी कार्रवाई को नियंत्रित करने में मिली मदद
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि क्षमता-केंद्रित सैन्य बल इस तरह की कार्रवाई के लिए अधिक सक्षम होता है, क्योंकि उसके पास किसी एक साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई विकल्प होते हैं. उन्होंने कहा, “क्षमता-केंद्रित बल इस मामले में स्वाभाविक रूप से बेहतर होता है, क्योंकि वह केवल एक साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई विकल्पों का इस्तेमाल कर सकता है. इसी लचीलेपन ने हमें अपनी जवाबी कार्रवाई को जरूरत के अनुसार तय करने और तनाव को बढ़ने से रोकने पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद की.”
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर पिछले साल मई में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था. इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में स्थित आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए गए थे. इस अभियान को 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के बाद भारत की सबसे महत्वपूर्ण सीमा पार सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा गया.
इस अभियान के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उनके दावों पर भी चर्चा हुई थी. पाकिस्तान के कथित दावों की तथ्य-जांच और अभियान के बाद की घटनाओं ने भी ध्यान खींचा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने कथित समय पर हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद देने वाले शहबाज शरीफ के भाषण को साझा किया था.
देश की जरूरत पर और तेजी, सटीकता से जवाब देगी वायुसेना
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया है कि वायुसेना ने जो रास्ता चुना है, वह सही है. उन्होंने कहा कि वायुसेना इसी दिशा में और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ती रहेगी. उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि हमने जो रास्ता चुना है, वह सही है. हम और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ इसी रास्ते पर आगे बढ़ेंगे, ताकि भविष्य में जब भी देश हमें बुलाए, भारतीय वायुसेना देश की शर्तों पर और अधिक तेजी, सटीकता और निर्णायक क्षमता के साथ जवाब दे सके.”
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