ज्ञानेश कुमार से SIR पर प्रियंका चतुर्वेदी ने पूछे सवाल, कहा- सब सही तो...
महाराष्ट्र की शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बयान देते हुए कहा कि अगर वोट के साथ मनमानी या छेड़छाड़ नहीं हो रही है तो इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए.

महाराष्ट्र की शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की बात एक तरफ है, लेकिन अब लोगों के मन में यह सवाल आने लगा है कि उनका वोट अधिकृत है या नहीं और अधिकृत होने के बाद वैध है या नहीं. उन्होंने कहा कि अगर वोट के साथ मनमानी या छेड़छाड़ नहीं हो रही है तो इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जब से SIR प्रक्रिया शुरू हुई है, विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि मतदाताओं के नाम हटाने या घटाने की प्रक्रिया मनमाने तरीके से हो रही है. उन्होंने दावा किया कि दोनों चुनाव आयुक्तों से यह जानकारी सामने आई है कि उन्होंने पिछले 10 महीनों में 14 बार प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं. उनके मुताबिक, उनकी मुख्य चिंता SIR के दौरान नाम जोड़ने और हटाने को लेकर थी और इस संबंध में आयोग की कोई बैठक भी नहीं हुई थी.
फॉर्म-16 को अवैध बताने के बाद भी किया गया लागू
उन्होंने आरोप लगाया कि कई फैसले मनमाने तरीके से लिए गए, जिसकी जानकारी दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को भी मीडिया के माध्यम से मिली. प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि जो फॉर्म-16 लाया गया था, उसे दोनों चुनाव आयुक्तों ने कथित तौर पर अवैध बताया था, लेकिन इसके बावजूद उसे लागू किया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को केंद्रीकृत किया जा रहा है. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि चुनाव आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह होती है कि काम विकेंद्रीकृत हो, ताकि हर राज्य का चुनाव आयोग भी सशक्त हो सके. उन्होंने गोवा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ERO मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए अधिकृत हैं, लेकिन नाम वापस जोड़ने के लिए उन्हें केंद्रीय डेटाबेस में आवेदन करना पड़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस रिलीज में तीनों में से किसी भी चुनाव आयुक्त के हस्ताक्षर नहीं हैं और न ही तीनों ने एक साथ कोई बैठक की है.
मीरा रोड में पहली बार हुआ गणपति महोत्सव, 5 दिनों तक उत्सव का माहौल
सब सही तो, कैबिनेट सचिव से मिलने को उत्सुक क्यो?
प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाया कि अगर सब कुछ तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से हुआ तो बीजेपी CEC ज्ञानेश कुमार का बचाव क्यों कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर ये शुरुआती आपत्तियां और मतभेद थे और बाद में सब सही तो, दो चुनाव आयुक्त कैबिनेट सचिव से मिलने के लिए क्यों उत्सुक थे और उन्हें कथित तौर पर मनमानी की जानकारी देने की जरूरत क्यों पड़ी.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही लेना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार मानहानि का दावा करने की बात कहते रहे, लेकिन सवालों का जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि मामले में पूरी कार्रवाई होनी चाहिए और ज्ञानेश कुमार को पद से अलग कर देना चाहिए. साथ ही उन्होंने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग में इसी तरह की मनमानी चलती रही तो एक दिन इसका नुकसान बीजेपी को भी उठाना पड़ सकता है और इससे लोकतंत्र को सबसे ज्यादा नुकसान होगा.
संजय राउत का दावा, '2029 में देश में बनेगी नई सरकार, मैं दिल्ली जाकर...'






















