नवी मुंबई कार्यक्रम के निमंत्रण पत्रों से एकनाथ शिंदे का नाम गायब, शिवसेना ने जमकर काटा बवाल
Mumbai News: विवाद सोमवार को तब शुरू हुआ जब उच्च-स्तरीय कार्यक्रम के निमंत्रण पत्रों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम नहीं दिखा. इसको लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.

- सांसद म्हस्के, विधायक म्हात्रे ने नाईक पर आरोप लगाए.
महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद देखने को मिल रहा है. ये विवाद बीजेपी और शिवसेना के बीच एक प्रोगाम को लेकर शुरू हुआ और देखते ही देखते बढ़ गया. नवी मुंबई नगर निगम के आधिकारिक निमंत्रण पत्रों से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का नाम हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ. इसको लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और बीजेपी नेता और वन मंत्री गणेश नाईक को घेर लिया और जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. गौर हो कि गणेश नाईक को शिंदे का धुर विरोधी माना जाता है.
विवाद सोमवार को तब शुरू हुआ जब उच्च-स्तरीय कार्यक्रम के निमंत्रण पत्रों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम नहीं दिखा. यहां गणेश नाईक नवी मुंबई महानगरपालिका की विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन करने पहुंचे थे, लेकिन निमंत्रण पत्रिका में एकनाथ शिंदे का नाम न होने के कारण शिवसेना गुट नाराज हो गया.
शिवसेना नेता ने कहा- पहले शामिल था नाम
हालांकि, निमंत्रण पत्रिका में सांसद नरेश म्हस्के और एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे का नाम भी शामिल है, लेकिन एकनाथ शिंदे का नाम शामिल नहीं होने से बड़ी संख्या में कार्यक्रम शुरू होते ही शिंदे समर्थक मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. शिवसेना नेता और ठाणे से लोकसभा सदस्य नरेश म्हस्के ने भी इस पर गुस्सा जाहिर किया है. नाईक पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि नवी मुंबई नगर निगम आयुक्त ने उन्हें बताया कि प्रशासन ने मूल रूप से राज्य प्रोटोकॉल के अनुसार शिंदे का नाम शामिल किया था. MP नरेश म्हस्के ने दावा किया कि कमिश्नर ने उन्हें बताया था कि गणेश नाईक और मेयर ने एकनाथ शिंदे का नाम काट दिया है.
बीजेपी विधायक ने भी जताई नाराजगी
इन सबके बीच बीजेपी विधायक मंदा म्हात्रे ने दावा किया कि बदले गए निमंत्रण पत्र में गलत तरीके से गणेश नाईक को श्रेय दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पत्र में यह झूठा दावा किया गया कि परियोजनाओं को नाईक के मंत्रीय आवंटन से वित्तीय सहायता दी गई है. मंदा म्हात्रे ने कहा, "काम ऐसा होना चाहिए, जिससे सबका मान-सम्मान बना रहे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. मैं विधायक हूं, लेकिन मुझे प्रोग्राम में सम्मान नहीं मिलता. अब मैं फैसला लूंगा, मैं उनसे (गणेश नाईक) तंग आ चुका हूं. मेरे साथ लगातार गलत हो रहा है."
मंदा म्हात्रे ने प्रोग्राम से यह कहते हुए वॉक आउट कर दिया कि मैं वन मंत्री गणेश नाईक के प्रोग्राम का विरोध कर रहा हूं. वहीं, इस अपमान से नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने नयी नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं के उद्घाटन कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन किया और गणेश नाईक को काले झंडे दिखाए. कार्यकर्ताओं ने ठाणे जिले के पालक मंत्री शिंदे के समर्थन में नारेबाजी भी की.
Navi Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena workers protested at a Navi Mumbai Municipal Corporation event after Deputy Chief Minister Eknath Shinde’s name was allegedly ignored. They showed black flags to BJP leader Ganesh Naik pic.twitter.com/v4e7Mj8JDJ
— IANS (@ians_india) June 15, 2026
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