'दर्जन भर पैदा करेंगे तो खिलाएंगे क्या, अल्लाह के भरोसे...', उद्धव ठाकरे के नेता का शौकत अली से सवाल
AIMIM नेता शौकत अली और RSS के मोहन भागवत के जनसंख्या वाले बयान पर शिवसेना UBT नेता अंबादास दानवे ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सवाल उठाया कि 3 या दर्जन भर बच्चे पैदा करेंगे तो उन्हें खिलाएंगे कौन.

देश में जनसंख्या पर जारी राजनीतिक बहस के बीच अब शिवसेना यूबीटी का भी बयान जुड़ गया है. हाल ही में AIMIM नेता शौकत अली और RSS प्रमुख मोहन भागवत के जनसंख्या वाले बयान पर शिवसेना यूबीटी नेता अंबादास दानवे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. दानवे ने कहा कि RSS के कहने से कोई 3 बच्चे पैदा नहीं करेगा और न ही AIMIM के बयान से कोई दर्जनों बच्चों को जन्म देगा.
अंबादास दानवे ने साफ कहा कि बयानबाजी से समाज नहीं चलता बल्कि जिम्मेदारी और व्यवहारिक सोच जरूरी है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दर्जन भर बच्चे पैदा होंगे तो उन्हें खिलाएगा कौन और क्या सब कुछ अल्लाह के भरोसे छोड़ दिया जाएगा.
जनसंख्या, बुर्का और लोकतंत्र पर दानवे की प्रतिक्रिया
अंबादास दानवे ने आगे कहा कि देश में लोकतंत्र है और यहां मुख्यमंत्री वही बनेगा जिसे जनता चुनेगी. किसी के पहनावे या पहचान के आधार पर मुख्यमंत्री बनने या न बनने की बात करना लोकतांत्रिक सोच के खिलाफ है. 'बुर्के वाले सीएम' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में डेमोक्रेसी है और यहां जनता का फैसला सर्वोपरि होता है. दानवे ने स्पष्ट किया कि समाज को बांटने वाले बयानों से बचना चाहिए और असली मुद्दों जैसे रोजगार, शिक्षा और जिम्मेदार परिवार नियोजन पर चर्चा होनी चाहिए.
वीर सावरकर और भारत रत्न का मुद्दा
दानवे ने वीर सावरकर को लेकर भी अपनी पार्टी का रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि हमारी शिवसेना सावरकर को भारत रत्न देने की बात कर रही है. कुछ लोग सिर्फ उनके नाम पर चिल्लाते हैं जबकि सावरकर के योगदान को समझने की जरूरत है. दानवे ने याद दिलाया कि खुद बालासाहेब ठाकरे यह कह चुके हैं कि सावरकर को भारत रत्न भारत सरकार की ओर से दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि RSS के सरसंघचालक के बयान के बाद अब सरकार की आंख खुलनी चाहिए और इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार होना चाहिए.
सलमान खान विवाद और संजय राउत के सवाल
अंबादास दानवे ने सलमान खान के किसी कार्यक्रम में जाने पर मचे बवाल को भी अनावश्यक बताया. उन्होंने कहा कि सलमान खान गए तो इतना हंगामा क्यों, उन्हें निमंत्रण था इसलिए गए. ऐसे कई लोग वहां गए जिनको हमने और आपने देखा भी नहीं. इस पर इतना बड़ा मसला नहीं बनाया जाना चाहिए.

























