'गृह मंत्रालय नहीं गैंग चला रहे हैं…', संजय राउत का तीखा हमला
Sanjay Raut On Government: संजय राउत ने गृह मंत्री अमित शाह के पुणे दौरे को लेकर निशाना साधा है. इसके साथ ही उन्होंने वंदे मातरम् को लेकर भी सरकार को घेरा है.

शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत एक बार फिर सरकार पर बरसे हैं. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के पुणे दौरे को लेकर निशाना साधा है. संजय राउत ने कहा, "रात के अंधेरे में गृह मंत्री पुणे में आए हैं. भारतीय जनता पार्टी ने उनके स्वागत में बड़े बड़े बैनर लगाएं हैं कि देश के चाणक्य का पुणे में आगमन हो गया है."
संजय राउत ने कहा, "यह सवाल गृहमंत्री से पूछना चाहिए. गृहमंत्री इस पद पर रहने वाले व्यक्ति नहीं है. वह गृहमंत्रालय नहीं चला रहे हैं, वह इस पद पर अब गैंग चला रहे हैं. वो गैंग व्यापारियों का है. वो गैंग गुंडों का है." संजय राउत ने कहा, "विपक्ष को खत्म करने का काम कर रहे हैं. जम्मू कश्मीर में निरापराध लोग मारे जा रहे हैं, आतंकवादी घुस रहे हैं इसकी पूरी जिम्मेदारी देश के गृहमंत्री की है."
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संजय राउत ने खड़ा किया सवाल
संजय राउत ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री से ऊपर उठ कर काम कर रहे हैं. इस्तीफे को लेकर हम सदन में प्रदर्शन कर रहे हैं. वंदे मातरम् पर चर्चा के समय प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सदन में ही मौजूद नहीं थे." इस पर सवाल उठाते हुए राउत ने कहा, "क्या यह वंदे मातरम् मातरम् का अपमान नहीं है."
उन्होंने कहा, "वंदे मातरम् की रचना हुए 150 साल हो गए हैं. प्रधानमंत्री खुद को बहुत बड़ा देशभक्त बताते हैं हालांकि आजादी की लड़ाई में उनकी कोई भूमिका नहीं थी फिर भी उन्होंने खास तौर पर वंदे मातरम् पर चर्चा करने के लिए संसद का दो दिन का विशेष सत्र बुलाया."
राउत ने पूछा, "अगर आप इतने बड़े देशभक्त हैं और आपने राष्ट्रगान और वंदे मातरम् के अपमान के खिलाफ कोई बिल पेश किया है, तो सदन में मौजूद रहना आपकी जिम्मेदारी थी. सरकार, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने वंदे मातरम् का अपमान किया है. उन्हें इसके लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना चाहिए."
कुलगाम आतंकी हमले पर दी प्रतिक्रिया
कुलगाम में हुए आतंकी हमले पर उन्होंने कहा, "मैं इस बारे में क्या कहूं? अमित शाह को इस पर बोलना चाहिए. हमने पुलवामा और पहलगाम देखा है. अब दो और लोग मारे गए हैं. फिर भी, वे इस बारे में एक शब्द भी बोलने को तैयार नहीं हैं. वे अब सरकार में बने रहने के लायक नहीं हैं. इस्तीफा देना चाहिए. सरकार में रहने के लिए अब नहीं हैं."
























