महाराष्ट्र में कांग्रेस को बड़ा झटका, तीन बार के विधायक रहे संग्राम थोपटे BJP में शामिल, जानें- उनका राजनीतिक सफर
Sangram Thopate Joins BJP: कांग्रेस के पूर्व विधायक संग्राम थोपटे ने बीजेपी जॉइन कर ली है. थोपटे पिछले कुछ महीनों से कांग्रेस नेतृत्व से नाखुश थे और उनका आरोप था कि उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला.

Sangram Thopate News: महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस से तीन बार के पूर्व विधायक संग्राम थोपटे ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. संग्राम थोपटे एक प्रतिष्ठित कांग्रेसी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. पुणे जिले के भोर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे संग्राम थोपटे पिछले कुछ महीनों से कांग्रेस नेतृत्व से नाखुश चल रहे थे. उन्होंने कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था.
उनके पिता अनंतराव थोपटे छह बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं और थोपटे परिवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली नाम माना जाता है. संग्राम थोपटे पुणे जिले के भोर विधानसभा क्षेत्र के एक प्रमुख राजनेता हैं. वे पूर्व मंत्री अनंतराव थोपटे के पुत्र हैं, जिन्होंने छह बार भोर से विधायक और 14 वर्षों तक मंत्री पद संभाला था.
संग्राम थोपटे ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2002 में भोर पंचायत समिति के उपसभापति के रूप में की थी. इसके बाद, उन्होंने 2009, 2014 और 2019 में लगातार तीन बार भोर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की.
भोर विधानसभा मतदारसंघाचे काँग्रेसचे माजी आमदार श्री. संग्रामजी थोपटे यांनी, भाजपा महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष तथा महसूल मंत्री श्री. चंद्रशेखरजी बावनकुळे आणि भाजपा महाराष्ट्र कार्यकारी अध्यक्ष श्री. रवींद्रजी चव्हाण यांच्या उपस्थितीत, शेकडो कार्यकर्त्यांसह भाजप परिवारात प्रवेश केला.… pic.twitter.com/4w5SBd2KLD
— भाजपा महाराष्ट्र (@BJP4Maharashtra) April 22, 2025
परियोजनाओं के लिए नहीं मिली आवश्यक निधि- संग्राम थोपटे
हालांकि, 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के उम्मीदवार शंकर मांडेकर से 19,638 मतों से पराजय का सामना करना पड़ा. इस पराजय के बाद, संग्राम थोपटे ने कांग्रेस पार्टी से नाराज़गी व्यक्त की, यह कहते हुए कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं दिया. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सत्ता में रहते हुए भी उन्हें केंद्र और राज्य सरकारों से परियोजनाओं के लिए आवश्यक निधि नहीं मिली.
19 अप्रैल को महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने खुलासा किया था कि पार्टी ने संग्राम थोपटे को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामित करने का निर्णय लिया था. लेकिन, उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस नियुक्ति को रोक दिया, जिससे थोपटे की नाराजगी और बढ़ गई.
'यह थोपटे के साथ अन्याय था'
हर्षवर्धन सपकाल ने पुणे में पत्रकारों से कहा, “हाल ही में कांग्रेस ने उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने ऐसा नहीं होने दिया. यह थोपटे के साथ अन्याय था. उन्हें फडणवीस के प्रभाव में नहीं आना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “अगर उस समय थोपटे को अध्यक्ष बनाया गया होता, तो आज की स्थिति टल सकती थी. इसके लिए देवेंद्र फडणवीस जिम्मेदार हैं. थोपटे को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे गलत संदेश जाए.”
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में बीजेपी विधायक राहुल नार्वेकर को 15वीं महाराष्ट्र विधानसभा का अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया था, क्योंकि विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) ने इस पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारा था.
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