रामदास अठावले का दावा, 'अगर बैलेट पेपर से चुनाव हुआ तो हमारी सीटें...'
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ही ईवीएम लेकर आई थी. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर चुनाव के बाद नतीजे आने में कई घंटे लग जाते थे. ईवीएम से शाम तक तस्वीर साफ हो जाती है.

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले कहा कि अगर चुनाव आयोग बैलेट पेपर से चुनाव कराने का निर्णय लेता है तो उसके लिए हमारी तैयारी है. राहुल गांधी जाकर ज्ञानेश कुमार को समझाएं कि बैलेट पेपर से चुनाव हों. अगर बैलेट पेपर से चुनाव हुआ तो हमारी सीटें और ज्यादा आएंगी. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव के बाद नतीजे आने में कई घंटे लगते थे. वहीं, ईवीएम से शाम तक नतीजे साफ हो जाते हैं.
गुवाहाटी में मंगलवार (29 सितंबर) केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संविधान में चुनाव आयोग एक स्वतंत्र व्यवस्था है. सरकार से उसका कोई संबंध नहीं है. ज्ञानेश कुमार ने SIR का फैसला इसलिए लिया था ताकि पारदर्शिता से चुनाव हो. हर व्यक्ति को वोट देने का अधिकार है लेकिन झूठे पेपर लगाकर बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका का आदमी यहां का वोटर बना होगा तो उसका नाम हटाने के लिए SIR है.
SIR का पीएम मोदी-शाह से संबंध नहीं- अठावले
अठावले का कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह का इससे कोई संबंध नहीं है. ये फैसला चुनाव आयोग का है. हमारे महाराष्ट्र में भी SIR हुआ. राहुल गांधी को जब लोकसभा में अच्छी सीटें मिलीं तो ईवीएम ठीक थी लेकिन जब हमको ज्यादा फायदा होता है तो ईवीएम खराब हो जाती है. कांग्रेस पार्टी ही ईवीएम मशीन लाई थी.
कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या बोले?
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी पर उन्होंने कहा कि हम उनसे ज्यादा एक्टिव हैं. कॉकरोच जनता पार्टी तो अभी आई है. अभिजीत दीपके हमारे महाराष्ट्र का रहने वाला है. वो बुद्ध को मानते हैं और आंबेडकरवादी हैं. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर कॉकरोच जनता पार्टी को सफलता मिली है. लेकिन वो हर व्यक्ति का इस्तीफा मांगते हैं. अभी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं.
अभिजीत दीपके को फिर से कॉकरोच जनता पार्टी का नाम बदलने की उन्होंने सलाह दी और कहा कि इसका नाम बदलकर 'इस्तीफा जनता पार्टी' कर दें. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप (अभिजीत दीपके) कॉकरोच नहीं हैं क्योंकि कॉकरोच तो कुछ नहीं करते हैं. हमारे सीजेआई ने कहा था कि आज के नौजवान कॉकरोच जैसे इधर उधर भागते हैं और कुछ नहीं करते हैं. लेकिन आपने करके दिखाया है. आपने बहुत सारे जेन-जी को जागरूक किया. नीट पेपर लीक पर बड़ा आंदोलन किया और देशभर का उन्हें सपोर्ट मिला.
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