पुणे में जहरीली शराब से मौत मामले में बड़ा खुलासा, फर्जी आधार से ऑनलाइन मंगाया था मेथेनॉल
Pune Liquor Death: पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत हो गई है. खबर है कि मेथेनॉल ऑनलाइन फर्जी आधार कार्ड से खरीदा गया था. 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित दापोडी इलाके में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत हो गई. पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि मिलावटी शराब बनाने के लिए मेथेनॉल ऑनलाइन मार्केट से फर्जी आधार कार्ड के जरिए खरीदा गया था. पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
फर्जी आधार से खरीदा गया मेथेनॉल
पुलिस के अनुसार, आरोपी योगेश वानखेड़े उर्फ सिंकदर राठोड़ ने 9 मई 2026 को फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर ऑनलाइन मेथेनॉल मंगवाया. इसके बाद 23 मई को दूसरे आरोपी कल्पेश अग्रवाल की मदद से शराब में मिलावट की गई. यह जहरीली शराब फुगेवाड़ी इलाके में बेची गई, जिसके सेवन से 8 लोगों की मौत हो गई.
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मृतकों की पहचान पांडुरंग सखाराम फुगे, राजेश शांताराम राजपूत, आनंद पांडेराव देसाई, आनंद काशीनाथ निकाळजे, अकबर अजीमखान पठान, राजू प्रकाश राठोड़, विजय प्रकाश राठोड़ और अक्षय अशोक औ सरमल के रूप में हुई है. सभी फुगेवाड़ी के निवासी थे.
साजिश रचकर बेची घातक शराब
दापोड़ी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. मुख्य आरोपी कर्नेल सिंह तखत सिंह विरका और गुरमंगत सिंह कर्नेल सिंह विरका पर आरोप है कि उन्हें शराब के घातक होने की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने इसे बेचा. पुलिस ने बताया कि योगेश वानखेडे नियमित रूप से आरोपी राधेश्याम प्रजापती की भट्टी से शराब लाता था. अधिक मुनाफे के लालच में मेथेनॉल मिलाकर शराब बेची गई.
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. कई लोग डर के कारण खुद को अस्पताल में भर्ती करा रहे हैं. फिलहाल तीन लोगों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है. दापोड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक वाघमारे मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस की टीम फर्जी आधार कार्ड और ऑनलाइन सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
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Source: IOCL


























