मुंबई में ड्रोन-हॉट बैलून उड़ाने पर लगा बैन, VVIP लोगों को निशाना बनाए जाने का खतरा
Mumbai Police Banned Drones: मुंबई में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा 4 अप्रैल से 5 मई तक लागू रहेगी. आदेश न मानने पर मुंबई पुलिस सख्त एक्शन लेगी.

Mumbai Police Banned Flying Objects: मुंबई पुलिस ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है. पुलिस ने एक महीने की अवधि के लिए ड्रोन, रिमोट-कंट्रोल माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, पैरा ग्लाइडर और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार (03 अप्रैल) को इस संबंध में जानकारी दी है. ये प्रतिबंध 4 अप्रैल से प्रभावी हो जाएगा.
एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा 4 अप्रैल से 5 मई तक लागू रहेगी. आतंकियों और असामाजिक तत्वों से लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका है. फ्लाइंग ऑब्जेक्ट पर बैन को लेकर आदेश को न मानने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है.
आतंकवादी और असामाजिक तत्व VVIP को बना सकते निशाना
मुंबई पुलिस की ओर से जारी आदेश के मुताबिक आतंकवादी और असामाजिक तत्व अपने हमलों में ड्रोन, रिमोट-कंट्रोल माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, पैरा ग्लाइडर का इस्तेमाल कर सकते हैं और वीवीआईपी को निशाना बना सकते हैं, लोगों की जान को खतरे में डाल सकते हैं, साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर सकते हैं और मुंबई पुलिस कमिश्नरेट एरिया में कानून व्यवस्था की गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं.
संभावित नुकसान को रोकने के लिए मुंबई पुलिस का फैसला
आदेश में कहा गया है कि उड़ने वाली वस्तुओं के जरिए संभावित नुकसान को रोकने के लिए शहर में ऐसे तत्वों की गतिविधियों पर कुछ प्रतिबंध लगाने की जरूरत है, जिसके लिए कुछ निवारक उपाय किए जाने की जरूरत है. इसी को देखते हुए मुंबई पुलिस ने ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रोलाइट विमान, पैराग्लाइडर की उड़ान गतिविधियों पर बैन लगाया है.
आदेश का उल्लंघन करने पर मुंबई पुलिस करेगी कड़ी कार्रवाई
मुंबई पुलिस के अधिकार क्षेत्र में पुलिस की हवाई निगरानी या डीसीपी (ऑपरेशन) की विशेष अनुमति को छोड़कर ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रोलाइट विमान, पैराग्लाइडर की उड़ान गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी. मुंबई पुलिस की ओर से आदेश में साफ तौर से कहा गया है कि ऑर्डर का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 223 (किसी लोक सेवक द्वारा घोषित वैध आदेश की अवज्ञा) के तहत दंडित किया जाएगा.
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Source: IOCL


























