Mumbai Rain: मुंबई में मानसून की जोरदार दस्तक, बारिश बनी मुसीबत, जगह-जगह जलभराव ने खोली BMC के दावों की पोल
Mumbai Monsoon Rain Today: मानसून की दस्तक के साथ ही मुंबई के कई इलाकों में जोरदार बारिश देखने को मिली, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है. आज सुबह BMC ने बारिश का रेड अलर्ट जारी किया था.

- मुंबई में दो हफ्तों की देरी से मानसून ने दस्तक दी.
- तेज बारिश से तुरंत जलभराव, BMC दावों की पोल खुली.
- मालाड में जलभराव से घरों में कमर तक पानी भरा.
- IMD ने महाराष्ट्र के लिए येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी किया.
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगभग दो हफ्तों की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जोरदार दस्तक दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मुंबई शहर और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में इसके आगे बढ़ने की संभावना है. मानसून की दस्तक के साथ ही मुंबई के कई इलाकों में जोरदार बारिश देखने को मिली, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है. आज सुबह BMC ने बारिश का रेड अलर्ट जारी किया था. मुंबई के कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और तेज हवाओं (40-60 किमी/घंटा) के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना जताई है.
हालांकि, इस भारी बारिश के 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि कई इलाकों में जबरदस्त जलभराव देखने को मिला, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है. इसने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के उन दावों की पोल खोल दी है, जिनमें उसने मानसून से पहले नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने जैसे दावे किये थे. मुंबई और आस पास के जिलों में तेज मूसलाधार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति कई इलाकों में देखने को मिल रही है, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं.
#WATCH | Maharashtra | An underpass in Mumbai's Andheri area was closed after it was flooded due to severe water logging amid heavy rains in the city.
— ANI (@ANI) June 23, 2026
A BMC Official Rhitik says, "... We have not been able to find a temporary solution for this severe water logging... Our… pic.twitter.com/QsN7WbXjYw
मानसून की दस्तक के साथ जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
मुंबई में मानसून की बारिश के बीच मालाड पूर्व के कुरार विलेज स्थित कोंकणीपाड़ा इलाके में भारी जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है. स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि निर्माण कार्य के कारण प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था बाधित हो गई है, जिससे बारिश का पानी सीधे घरों में घुस रहा है. लोगों का कहना है कि यह केवल जलभराव का मामला नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और जान-माल से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है.
कई घरों में कमर तक भरा पानी
दिंडोशी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कोंकणीपाड़ा, कुरार विलेज, मालाड पूर्व में मंगलवार देर रात भारी बारिश के बाद कई घरों में कमर तक पानी भर गया. रात करीब 12:15 बजे रिकॉर्ड किए गए वीडियो में इलाके की गंभीर स्थिति साफ दिखाई दे रही है. जलभराव के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घरों के अंदर भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा. कई घरों में रखा खाद्यान्न, कपड़े, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान पानी में डूब गया, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है. इसके अलावा मुंबई का सेंट्रल मुंबई में सायन सबवे, LBS रोड कुर्ला, सायन गांधी मार्केट में जलभराव की स्थिति बन गई. वेस्टर्न मुंबई में अंधेरी, बांद्रा, गोरेगांव, मलाड, कुरार में पानी भरने की सूचना सामने आई है.
बारिश के कारण जलभराव ने BMC के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसपर BMC के एक अधिकारी ऋतिक ने कहा, "हम जलभराव का कोई अस्थायी समाधान नहीं ढूंढ पाए हैं. हमारे अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए यहां तैनात रहते हैं कि गाड़ियां यहां से न गुजर सकें, लेकिन कुछ रिक्शा चालक फिर भी अपनी गाड़ियों को पार कराने की कोशिश करते दिखाई दिए. एक रिक्शा सबवे के बीच में फंस गया था. उसकी जान खतरे में थी तब हमारे दो अधिकारियों ने उसे बाहर निकालने में मदद की." वहीं, BMC के एक अन्य अधिकारी रॉबर्ट ने कहा, "हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कोई भी गाड़ी अंडरपास के अंदर न जाए. हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं."
महाराष्ट्र में जारी रहेगा बारिश का दौर
IMD ने 24 जून से 30 जून के बीच महाराष्ट्र में येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान लगाया है, लेकिन मध्य महाराष्ट्र में 26 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश की संभावना जताई है. विभाग के अनुसार, 24 जून से 30 जून के बीच कोंकण के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र में भी मध्यम से भारी बारिश और मराठवाड़ा क्षेत्र में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.
मानसून में देरी से औसत बारिश में कमी दर्ज
बता दें कि इस साल देर से मानसून आने से लोगों को काफी दिक्कतें हुईं. उन्हें गर्मी और उमस झेलनी पड़ी. हालांकि, महाराष्ट्र में 8 जून को ही मानसून के दस्तक की घोषणा कर दी गई थी, लेकिन उसके बाद के हफ्तों में राज्य के अधिकतर हिस्सों और मध्य भारत में बारिश औसत से कम दर्ज किया गया. IMD के आंकड़ों के अनुसार, 22 जून तक देशभर में मानसून की बारिश में कुल 43 प्रतिशत की कमी रही, जबकि मध्य भारत में यह कमी 67 प्रतीशत दर्ज किया गया.
गौर हो कि पिछले साल मानसून 26 मई को आया था और ये तय समय से 16 दिन पहले ही आ गया था. कहा जाता है कि ऐसा 75 सालों में सबसे जल्दी आने वाला मानसून था, लेकिन पिछले साल के विपरीत इस साल 2 हफ्ते देरी से 23 जून को मानसून ने दस्तक दी. इससे पहले ऐसा 2019 और 2023 में देखने को मिला था जब 25 जून को मानसून आया था.
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