महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया तेज, 17 अगस्त तक पूरी होगी गणना; 24 को आएगी ड्राफ्ट लिस्ट
Maharashtra SIR: एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी. इसके बाद दावे-आपत्तियों के लिए एक महीने की अवधि होगी.

भारत निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने की प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 तक पूरी की जाएगी. इसके बाद 24 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची जारी की जाएगी.
प्रारूप सूची जारी होने के बाद नए नाम जोड़ने, नाम हटाने तथा मतदाता सूची में दर्ज जानकारी में सुधार के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा. यह जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने बुधवार (12 अगस्त) को दी.
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी यह जानकारी
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने आज मंत्रालय में पत्रकार परिषद आयोजित की. इस दौरान सह मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोहर पारकर और उप सचिव अरविंद शेट्ये उपस्थित थे.
24 अगस्त 2026 के बाद मतदाता नाम शामिल करने के लिए फॉर्म नंबर 6, नाम हटाने के लिए फॉर्म नंबर 7 तथा पता, मोबाइल नंबर, फोटो आदि विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म नंबर 8 भर सकेंगे. 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं सहित वर्तमान मतदाता सूची में नाम नहीं होने वाले पात्र नागरिक भी इस प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे.
दावे-आपत्तियों के लिए मिलेंगे 2 महीने
प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद लगभग दो महीने की अवधि में दावे-आपत्तियों तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी. गणना प्रपत्र में दी गई जानकारी और पिछली मतदाता सूची में दर्ज नाम या आयु में अंतर पाए जाने पर संबंधित मतदाता को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया जाएगा.
वहीं, वर्ष 2002 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम नहीं मिला पाने वाले मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज लेकर उनकी जांच की जाएगी. नए आवेदनों की जांच भी इसी अवधि में पूरी की जाएगी. इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.
‘अनकलेक्टेबल’ मामलों की जिलेवार सूची वेबसाइट पर
जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र उपलब्ध नहीं हो सके हैं, उनकी ‘अनकलेक्टेबल’ सूची जिलेवार और निर्वाचन क्षेत्र के भागवार प्रकाशित की जा रही है. इसमें मृत्यु, स्थानांतरण, दोहरी प्रविष्टि, संबंधित मतदाता के उपलब्ध नहीं होने अथवा अन्य कारणों से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होने वाले मतदाता शामिल हैं. चोक्कलिंगम ने बताया कि यह सूची जिलों की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जा रही है.
राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के प्रतिनिधियों (BLA) और नागरिकों से इन सूचियों की जांच करने की अपील की गई है. यदि सूची में अपना अथवा किसी परिचित पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से शामिल पाया जाता है, तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित निर्वाचन अधिकारी के संज्ञान में लाई जा सकती है. ये सूचियां प्रतिदिन अपडेट की जाएंगी, इसलिए अंतिम समय सीमा से पहले नियमित रूप से इनकी जांच करने का आह्वान मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने किया.
राज्य में 77.77 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण
राज्य में अब तक लगभग 77.77 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है. लगभग 18.46 प्रतिशत गणना प्रपत्र ‘अनकलेक्टेबल’ हैं, जबकि 3.78 प्रतिशत मामलों की प्रक्रिया अभी जारी है. चोक्कलिंगम ने बताया कि गणना प्रपत्र प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त होने के बाद उनके डिजिटलीकरण में कुछ दिन लगते हैं, इसलिए शेष प्रक्रिया जारी है.
मुंबई में 63 प्रतिशत डिजिटलीकरण
मुंबई शहर और मुंबई उपनगर दोनों जिलों को मिलाकर अब तक 63 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है. लगभग 30 प्रतिशत गणना प्रपत्र ‘अनकलेक्टेबल’ हैं, जबकि करीब 7 प्रतिशत मामलों की प्रक्रिया जारी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि महानगरीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के स्थानांतरण के कारण ऐसे मामलों का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक है.
गणना प्रपत्र भरने के लिए दस्तावेज या मैपिंग अनिवार्य नहीं
गणना प्रपत्र भरकर जमा करने के लिए फिलहाल संबंधित नागरिक का उस स्थान पर रहना महत्वपूर्ण है. वर्ष 2002 की मतदाता सूची में मैपिंग या मिलान नहीं हुआ हो अथवा आवश्यक दस्तावेज फिलहाल उपलब्ध नहीं हों, तब भी नागरिकों को गणना प्रपत्र भरने से बचना नहीं चाहिए. आवश्यक दस्तावेज बाद में जमा करने का अवसर उपलब्ध रहेगा.
गणना प्रपत्र में व्यक्तिगत जानकारी के तहत नाम, मोबाइल नंबर, माता-पिता के नाम तथा उपलब्ध होने पर आधार नंबर की जानकारी भरनी होगी और प्रपत्र पर हस्ताक्षर करना होगा. उन्होंने बताया कि परिवार का कोई वयस्क सदस्य भी परिवार के किसी सदस्य की ओर से हस्ताक्षर कर सकता है.
अधिकारी ने मतदाताओं से की ये अपील
यदि किसी मतदाता को एक से अधिक स्थानों पर गणना प्रपत्र प्राप्त हुआ है, तो उसे एक स्थान की प्रविष्टि अस्वीकार करनी चाहिए. एक से अधिक स्थानों पर नाम होना कानून के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है. निर्वाचन तंत्र द्वारा फोटो आधारित समान प्रविष्टियों की जांच की जा रही है, लेकिन नागरिकों से भी यह सुनिश्चित करने की अपील की गई है कि उनका नाम दो स्थानों पर दर्ज न हो.
नए मतदाताओं को 24 अगस्त के बाद आवेदन का अवसर
24 अगस्त 2026 के बाद पात्र नए मतदाता मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे. 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके तथा अन्य जिलों या राज्यों से स्थानांतरित होकर आए ऐसे नागरिक, जो पात्र होने के बावजूद मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे भी इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे.
एसआईआर प्रक्रिया के तहत वर्तमान गणना प्रपत्र भरने की कार्रवाई 17 अगस्त 2026 तक पूरी करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. फिलहाल नागरिकों को गणना प्रपत्र भरकर जमा करने को प्राथमिकता देनी चाहिए. मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने बताया कि इसके बाद दावे, आपत्तियों और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर जांच की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी.
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