Maharashtra News: महाराष्ट्र में 5200 करोड़ की ऊर्जा डील, 1100 मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन
Maharashtra News In Hindi: देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में महाराष्ट्र में 5200 करोड़ की तीन पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं का MoU हुआ. जिससे 1100 मेगावाट बिजली उत्पादन और 1100 रोजगार सृजित होंगे.

जल संसाधन विभाग और तात्यासाहेब कोरे वारणा नवशक्ति निर्माण संस्था लिमिटेड के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में तीन पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाओं के लिए लगभग 5,200 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया. यह समझौता महाराष्ट्र की ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा. इसके माध्यम से कम लागत में बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण कर राष्ट्रीय ग्रिड को स्थिर रखने की क्षमता विकसित होगी, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया.
‘वर्षा’ सरकारी निवास पर आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, अपर मुख्य सचिव दीपक कपूर, जल संसाधन सचिव संजय बेलसरे, विधायक डॉ. विनय कोरे, संस्था के अध्यक्ष नामदेव एच.पाटील, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा और प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी उपस्थित थे.
तात्यासाहेब कोरे वारणा नवशक्ति निर्माण संस्था की ओर से कोल्हापुर/सिंधुदुर्ग जिले में कुंभी ऑफ-स्ट्रीम क्लोज्ड लूप पंप्ड स्टोरेज परियोजना (दो भागों में) तथा शाहूवाड़ी में कडवी ऑफ-स्ट्रीम क्लोज्ड लूप परियोजना विकसित की जाएगी. इन तीनों परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 5,199 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1100 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता स्थापित की जाएगी. साथ ही 1100 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.
महाराष्ट्र की असली ताकत पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं में
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र ने पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं में अब तक 80,000 मेगावाट क्षमता का स्तर पार कर लिया है और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है. भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ये परियोजनाएं अत्यंत उपयोगी साबित होंगी. राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों के पास विशाल रेगिस्तानी क्षेत्र होने के कारण वे सौर ऊर्जा में आगे हैं, लेकिन महाराष्ट्र की वास्तविक ताकत पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं में है. इस समझौते से राज्य की ऊर्जा अवसंरचना को मजबूती मिलेगी और बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी. राज्य में तेजी से डेटा सेंटर स्थापित हो रहे हैं, जिससे अगले 3-4 वर्षों में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है. विशेष रूप से इन केंद्रों में अक्षय ऊर्जा आधारित बिजली का अधिक उपयोग होगा, इसलिए ऐसी परियोजनाओं की आवश्यकता बढ़ रही है.
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‘एंकर प्रोजेक्ट’ के रूप में सहयोग
मुख्यमंत्री ने सहकार क्षेत्र के ऊर्जा उत्पादन में प्रवेश का स्वागत करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को ‘एंकर प्रोजेक्ट’ के रूप में सहयोग दिया जाएगा. बिजली खरीद समझौता (PPA) और वित्तीय सहायता के लिए भी सकारात्मक रुख अपनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं के लिए अलग तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिसे राज्य सरकार शीघ्र लागू करेगी.
स्वच्छ और सतत ऊर्जा उत्पादन
जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि पहले गर्मियों में भारी लोडशेडिंग होती थी, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं स्वच्छ और टिकाऊ बिजली उत्पादन में सहायक हैं और राज्य को 1 लाख मेगावाट क्षमता तक पहुंचाने में मदद कर सकती हैं.
इस प्रकार है परियोजनाओं का विवरण
कुंभी (भाग-अ), कोल्हापुर/सिंधुदुर्ग- 600 मेगावाट, 2784 करोड़ रुपये, 600 रोजगार
कुंभी (भाग-ब), कोल्हापुर/सिंधुदुर्ग- 300 मेगावाट, 1434 करोड़ रुपये, 300 रोजगार
कडवी, शाहूवाड़ी, कोल्हापुर- 200 मेगावाट, 981 करोड़ रुपये, 200 रोजगार
कुल
क्षमता: 1100 मेगावाट
निवेश: 5199 करोड़ रुपये
रोजगार: 1100
अब तक 59 परियोजनाओं के माध्यम से 81,215 मेगावाट उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना है, जिससे 4.28 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 1.31 लाख रोजगार सृजित होंगे. इन परियोजनाओं के लिए लगभग 19.29 टीएमसी जल भंडारण और प्रति वर्ष 3.24 टीएमसी जल पुनर्भरण की आवश्यकता होगी. इसके बदले राज्य को जल उपयोग से लगभग 1762.21 करोड़ रुपये (प्रारंभिक) और 128.32 करोड़ रुपये (वार्षिक) राजस्व प्राप्त होने की संभावना है.
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Source: IOCL


























