कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर का दावा- इंस्टाग्राम से X तक, पर्सनल अकाउंट भी हुए हैक, कहा- 'हमें अब धमकियां...'
cockroach janata party: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट, पार्टी पेज और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स हैक या बंद कर दिए गए हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट और पार्टी का आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज हैक कर लिया गया है. यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब उनका व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुका है और उसे लाखों लोगों का समर्थन मिल रहा था. अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि उनके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और उनसे जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट प्रभावित हुए हैं.
सोशल मीडिया पर लिखी पूरी बात
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कॉकरोच जनता पार्टी पर कार्रवाई की जा रही है. इंस्टाग्राम पेज हैक हो गया है. मेरा निजी इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक हो गया है. ट्विटर अकाउंट रोक दिया गया है और बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया है. फिलहाल हमारे किसी भी प्लेटफॉर्म तक हमारी पहुंच नहीं है. इसके बाद किए गए किसी भी पोस्ट को कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक बयान न माना जाए.'
Crackdown on Cockroach Janta Party.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) May 23, 2026
- Instagram page hacked.
- My personal Instagram hacked.
- Twitter account withheld
- Back up account also taken down.
कुछ ही दिनों में लाखों लोगों तक पहुंचा अभियान
अभिजीत दिपके बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और आम आदमी पार्टी के पूर्व सहयोगी भी रह चुके हैं. उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले इस व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान की शुरुआत की थी. इसके बाद यह प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो गया. रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 1.9 करोड़ फॉलोअर्स हो गए थे.
कैसे शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड उस विवाद के बाद शुरू हुआ जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर चर्चा हुई थी. बताया गया कि वरिष्ठ वकील का दर्जा देने से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कथित तौर पर 'परजीवी' और 'कॉकरोच' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था.
अभिजीत दिपके के मुताबिक यह पूरा विचार इसी विवाद से प्रेरित था. हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था और उनकी टिप्पणी सिर्फ फर्जी और गलत डिग्री लेकर कानूनी पेशे में आने वाले लोगों के लिए थी.
मीम्स और व्यंग्य से वायरल हुई पार्टी
इसके बावजूद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. कॉकरोच को चुनाव चिन्ह बनाकर मीम्स, व्यंग्य, ग्राफिक्स और राजनीतिक टिप्पणियों के जरिए इस अभियान को आगे बढ़ाया गया.
इस प्लेटफॉर्म पर बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था जैसे युवाओं से जुड़े मुद्दों को व्यंग्यात्मक घोषणापत्र और चुनावी अभियान की शैली में पेश किया जाता था. अभिजीत दिपके ने इस आंदोलन को 'आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज' बताया था.
पहले भी मिल चुकी हैं जान से मारने की धमकियां
इससे पहले अभिजीत दिपके ने दावा किया था कि सोशल मीडिया पर अभियान वायरल होने के बाद उन्हें व्हाट्सऐप पर जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं. उन्होंने कथित धमकी भरे मैसेज के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा था, 'अब जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं.' दिपके के अनुसार संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने उन्हें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का अकाउंट बंद करने या फिर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बनाया था.























