नए साल से पहले महाराष्ट्र पुलिस में बड़ा बदलाव, NIA चीफ IPS अधिकारी सदानन्द दाते अब DGP
Maharashtra Police News: नए साल से पहले महाराष्ट्र पुलिस में बड़ा बदलाव हुआ है. भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी और NIA चीफ सदानंद दाते अब राज्य पुलिस के मुखिया होंगे.

भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी सदानंद दाते अब महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक यानी डीजीपी होंगे. वह 3 जनवरी को पद ग्रहण करेंगे. अभी तक राज्य पुलिस की मुखिया रश्मि शुक्ला थीं.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया- महाराष्ट्र राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला, भारतीय पुलिस सेवा, का 'पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य' पद पर कार्यकाल दिनांक 03 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है.
कितने साल का होगा महाराष्ट्र DGP का कार्यकाल?
कहा गया कि- इसको ध्यान में रखते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की एम्पैनलमेंट कमेटी द्वारा अनुशंसित पैनल में शामिल सदानंद वसंत दाते, भारतीय पुलिस सेवा (महाराष्ट्र कैडर: 1990) को 'पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य (HOPF)' पद पर नियुक्त किया गया है.
बयान में कहा गया- सर्वोच्च न्यायालय के संबंधित निर्णय एवं आदेशों के अनुसार, 'पुलिस महानिदेशक (HOPF)' पद पर नियुक्त भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी का कार्यकाल, सेवानिवृत्ति की तिथि चाहे जो भी हो, दो वर्षों का होगा. इसी अनुसार सदानंद वसंत दाते, भारतीय पुलिस सेवा, का 'पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य (HOPF)' पद पर कार्यकाल नियुक्ति की तिथि से आगामी दो वर्षों तक रहेगा.
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अभी तक NIA चीफ थे दाते
दाते 1 अप्रैल 2024 से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के डायरेक्टर जनरल (DG) थे. इससे पहले वह सीबीआई में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG), महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) के प्रमुख, मुंबई में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम और लॉ एंड ऑर्डर), मीरा-भायंदर और वसई-विरार क्षेत्र के पुलिस कमिश्नर पद पर सेवाएं दे चुके हैं.
दाते की शिक्षा के संदर्भ में बात करें तो वह कॉमर्स में पोस्टग्रेजुएट, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट (पीएच.डी.), इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से क्वालिफाइड कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट और हम्फ्रे फेलोशिप के तहत मिनेसोटा यूनिवर्सिटी में व्हाइट-कॉलर और संगठित अपराध नियंत्रण की पढ़ाई की है.
26/11 मुंबई आतंकी हमलों (2008) के दौरान दाते कामा अस्पताल में सबसे पहले पहुंचने वालों में से एक थे. उन्होंने आतंकवादियों से मुकाबला किया और जान बचाने में मदद की. हमले के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया.
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