ट्रेड डील पर VBA चीफ प्रकाश आंबेडकर का सवाल, 'क्या अब भारत अमेरिका के इशारों पर...'
India US Trade Deal: वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि क्या हम अब वेनेज़ुएला से तेल खरीदने जा रहे हैं, जो रूसी तेल से ज़्यादा महंगा है?

भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर विपक्ष सवाल उठा रहा है. इस बीच वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने भी सरकार से सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी क्या आपने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है? क्या आप ट्रंप के इस दावे को स्वीकार कर रहे हैं कि पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम (सीज़फायर) उन्होंने करवाया?
क्या हम वेनेजुएला से तेल खरीदने जा रहे हैं?- आबंडेकर
प्रकाश आंबेडकर ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "ट्रंप ने कहा है कि हमने रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका से तथा संभावित रूप से वेनेज़ुएला से कहीं अधिक तेल खरीदने पर सहमति जताई है. क्या ट्रंप का यह दावा सही है? क्या हम अब वेनेज़ुएला से तेल खरीदने जा रहे हैं, जो रूसी तेल से ज़्यादा महंगा है?"
यह समझौता भारत-विरोधी और अमेरिका-समर्थक है- आंबेडकर
इसके आगे उन्होंने पूछा, "क्या भारत अब अमेरिकी कृषि उत्पादों का अधिक आयात करेगा, जिससे भारतीय किसानों पर भारी दबाव पड़ेगा, जबकि किसान भारत की कार्यबल का लगभग 40 प्रतिशत हैं? लाखों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी! यह समझौता भारत-विरोधी और अमेरिका-समर्थक है! क्या अब भारत अमेरिका के इशारों पर नाच रहा है? कृपया, नरेंद्र मोदी और एस जयशंकर जवाब दें!"
विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का पलटवार
इस बीच मंगलवार (3 फरवरी) को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भारत की जो ट्रेड डील हुई है उसमें देशहित और जनहित को ध्यान में रखा गया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बेहतरीन समझौता हुआ है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों से अच्छी डील हमें मिली.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी ने कृषि और डेयरी सेक्टर को हमेशा संभाला है. उनके हितों को संभाला है. इस क्षेत्र में लोगों को उज्जवल भविष्य मिले और मौके मिले, उसके लिए लगातार काम किया है. कभी उनके हितों के साथ पीएम ने समझौता नहीं होने दिया. मुझे खुशी है कि पूरा देश इस बात को समझता है."























