CSMT के फ्री Wi-Fi से साइबर हमला! बैंक जीएम को फर्जी चालान भेजकर लाखों की ठगी
Mumbai news In Hindi: CSMT स्टेशन पर फ्री Wi-Fi इस्तेमाल के बाद बैंक अधिकारी के सेक्रेटरी का फोन हैक हो गया. फर्जी RTO चालान APK के जरिए बैंक जीएम के क्रेडिट कार्ड से 4.27 लाख रुपये की ठगी हुई है.

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) स्टेशन पर उपलब्ध फ्री वाई-फाई सेवा से जुड़ा एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि रेलवे स्टेशन पर फ्री Wi-Fi से मोबाइल कनेक्ट करने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के जनरल मैनेजर (जीएम) के पर्सनल सेक्रेटरी का मोबाइल हैक हो गया.
इसके बाद साइबर अपराधियों ने उनके संपर्कों को फर्जी आरटीओ चालान के नाम पर एक APK फाइल भेजी. इसी फाइल को डाउनलोड करने के बाद बैंक अधिकारी 4.27 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार हो गए. मामले में एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में 4 अगस्त को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
फ्री Wi-Fi से कनेक्ट होते ही हैक हुआ मोबाइल
पुलिस के अनुसार, वडाला के भक्ति पार्क निवासी 56 वर्षीय गोबिंदा बिस्वास बैंक ऑफ बड़ौदा की फोर्ट शाखा में जनरल मैनेजर हैं. 18 जुलाई को उनके पर्सनल सेक्रेटरी नारायण स्वामी मुंबई के CSMT स्टेशन पर मौजूद थे, जहां उन्होंने रेलवे के फ्री Wi-Fi नेटवर्क से अपना मोबाइल कनेक्ट किया. आरोप है कि इसी दौरान साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल की सुरक्षा में सेंध लगाकर उसे हैक कर लिया. इसके बाद हैकर्स ने फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को "RTO चालान" के नाम से एक APK फाइल भेजनी शुरू कर दी.
फर्जी APK डाउनलोड करते ही बैंक अधिकारी भी बने शिकार
जब यही APK फाइल गोबिंदा बिस्वास के मोबाइल पर पहुंची तो उन्होंने इसे असली आरटीओ चालान समझकर डाउनलोड और इंस्टॉल कर लिया. इसके बाद उनका मोबाइल भी हैक हो गया और उसी फोन से अन्य लोगों को भी वही फर्जी फाइल भेजी जाने लगी. 21 जुलाई को उन्हें मोबाइल में असामान्य गतिविधियां दिखाई दीं, जिसके बाद उन्होंने संदिग्ध APK फाइल को डिलीट कर दिया. उस समय तक उन्हें किसी पैसे के नुकसान की जानकारी नहीं थी.
28 मिनट में पांच ट्रांजैक्शन, खाते से उड़े 4.27 लाख रुपये
3 अगस्त को क्रेडिट कार्ड का बिल आने पर उन्हें पता चला कि 21 जुलाई को मात्र 28 मिनट के भीतर उनके क्रेडिट कार्ड से पांच अनधिकृत ट्रांजैक्शन किए गए. इन लेन-देन के जरिए कुल 4,27,264 रुपये निकाल लिए गए थे. असामान्य गतिविधि देखते हुए बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग ने ग्राहक से संपर्क करने का प्रयास किया. संपर्क नहीं होने पर कार्ड को एहतियातन ब्लॉक कर दिया गया.
पुलिस जांच में जुटी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पीड़ित अधिकारी ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मोबाइल कैसे हैक हुआ और फर्जी APK फाइल के जरिए साइबर ठगों ने वारदात को कैसे अंजाम दिया?
आप ध्यान रखें ये बात
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान स्रोत से मिली APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचना चाहिए. सार्वजनिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतना और केवल विश्वसनीय ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करना सुरक्षित माना जाता है.





















