मुंबई में डुप्लीकेट वोटर्स! 4.33 लाख नाम दोहराए गए, एक मतदाता तो 103 बार मिला
Mumbai Voter List: मुंबई मतदाता सूची में एक व्यक्ति का नाम 103 बार दर्ज है. इसके अलावा कुल 4.33 लाख डुप्लीकेट नाम पाए गए. 23 नवंबर से 5 दिसंबर तक विशेष अभियान में डुप्लीकेट हटाए जाएंगे.

मुंबई में मतदाता सूची में एक अनोखी और हैरान करने वाली स्थिति सामने आई है. महापालिका के अनुसार, एक ही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में सिर्फ दो बार या तीन बार नहीं बल्कि 103 बार दर्ज पाया गया है. यह मामला चुनाव और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सटीकता पर सवाल खड़ा करता है.
मुंबई महा नगरपालिका की प्रारूप मतदाता सूची के आंकड़ों के अनुसार, शहर में कुल 1 करोड़ 3 लाख मतदाता हैं. इनमें से करीब 4 लाख 33 हजार लोगों के नाम एक से अधिक बार सूची में दर्ज हैं. बार-बार नाम दर्ज होने के कारण कुल डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या लगभग 11 लाख तक पहुंच गई है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन डुप्लीकेट नामों में प्रत्येक व्यक्ति का नाम कितनी बार दर्ज हुआ है, क्योंकि इस संबंध में सटीक जानकारी प्रशासन के पास नहीं है.
मुंबई एक ही बार होगा मतदान- महापालिका
मुंबई महापालिका ने कहा है कि भले ही किसी व्यक्ति का नाम सूची में 103 बार दर्ज हो, मतदान केवल एक ही बार किया जा सकता है. यह नियम मतदाता की पहचान और वोटिंग प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करता है. 227 प्रभागों में यह नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यक्ति केवल एक स्थान पर ही मतदान कर सकता है.
डुप्लीकेट नामों की पहचान कर होगी कार्रवाई
डुप्लीकेट मतदाता नामों को हटाने के लिए पालिका प्रशासन ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है. यह अभियान 23 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा. इस मुहिम के तहत 24 वॉर्डों के चुनाव कार्यालयों के माध्यम से सहायक आयुक्त और संबंधित अधिकारियों द्वारा डुप्लीकेट नामों की पहचान और उन्हें हटाने का काम किया जाएगा. प्रशासन का उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा और वास्तविकता के अनुरूप बनाना है.
विशेष अभियान में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन लोगों के नाम दोहराव में हैं, उनकी पहचान के बाद केवल एक ही नाम सूची में रह सके. इसके साथ ही, भविष्य के चुनावों में किसी प्रकार की गड़बड़ी और मतदाता पहचान संबंधी समस्याओं को रोका जा सके.
डुप्लीकेट नामों को हटाने से चुनाव प्रक्रिया की बढ़ेगी पारदर्शिता
इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची में सुधार और नियमित समीक्षा कितनी आवश्यक है. महापालिका का मानना है कि डुप्लीकेट नामों को हटाने से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी और वोटिंग प्रणाली को और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा. प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग दें और अगर किसी का नाम दोहराव में हो तो उसकी जानकारी संबंधित कार्यालयों को दें. इस तरह, मुंबई महापालिका की यह पहल मतदाता सूची को सटीक और निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
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Source: IOCL




























