महाराष्ट्र के चर्चित अश्विनी बिद्रे हत्याकांड में आया फैसला, आरोपी को सुनाई गई ये सजा
Ashwini Bidre Murder Case: अश्विनी बिद्रे ठाणे पुलिस में सहायक पुलिस निरीक्षक के पद पर कार्यरत थीं. उनकी अचानक गुमशुदगी और बाद में हत्या की पुष्टि ने पूरे महाराष्ट्र में सनसनी फैला दी थी.

Ashwini Bidre Murder Case: महाराष्ट्र की चर्चित पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे हत्यकांड मामले में अदालत का फैसला गया गया है. पनवेल कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुना दिया है. अदालत ने मुख्य आरोपी अभय कुरंदकर को आजीवन कार्यवास की सजा का ऐलान किया है. साथ ही सह आरोपी महेश फलनिकर और कुंदन भंडारी को सात साल की सजा सुनाई है. साल 2016 में पुलिस कर्मचारी अश्विनी बिद्रे की हत्या कर दी गई थी.
अश्विनी बिद्रे हत्याकांड महाराष्ट्र के चर्चित आपराधिक मामलों में से एक है, जिसमें ठाणे की महिला पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे की हत्या हुई थी. यह मामला 2016 में सामने आया और इसमें कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए.
प्रमुख घटनाक्रम:
• अश्विनी बिद्रे: वह ठाणे पुलिस में सहायक पुलिस निरीक्षक (API) के पद पर कार्यरत थीं. उनकी अचानक गुमशुदगी और बाद में हत्या की पुष्टि ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी.
• मुख्य आरोपी: पुलिस अधिकारी की हत्या के इस मामले में उनके सहकर्मी और तत्कालीन पुलिस अधिकारी संदीप शेट्टी को मुख्य आरोपी बनाया गया। शेट्टी पर आरोप है कि उन्होंने अश्विनी की हत्या कर उनके शव को ठिकाने लगाया.
• जांच और सबूत: हत्याकांड की पुलिस जांच में यह सामने आया कि असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर का मर्डर करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए कई कोशिशें की गईं. हालांकि, महिला अधिकारी का शव पूरी तरह से बरामद नहीं हो सका, लेकिन अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
प्रदेशभर में बना चर्चा का विषय
वहीं इस हत्याकांड मामले को मीडिया में व्यापक कवरेज मिला, जिससे यह राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया. यह मामला पुलिस विभाग के भीतर अपराध और उसके बाद की जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े करता है.
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