Sehore News: मध्य प्रदेश: आर्यवर्त यूनिवर्सिटी को लेकर विवाद, स्कूल दिखाकर कॉलेज की ली मान्यता, जांच शुरू
Sehore News in Hindi: सीहोर की आर्यावर्त यूनिवर्सिटी की मान्यता पर संकट के बादल छाए हुए हैं. यहां स्कूल दिखाकर मान्यता लेने की शिकायत के बाद कलेक्टर ने जांच बैठा दी है.

मध्य प्रदेश के सीहोर में श्यामपुर स्थित आर्यावर्त विश्वविद्यालय की मान्यता और संचालन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. विश्वविद्यालय पर आरोप है कि उसने रुकमणी देवी पब्लिक स्कूल की बिल्डिंग दिखाकर यूनिवर्सिटी की मान्यता हासिल की है. एबीवीपी नेता भगवान सिंह की शिकायत के बाद जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर दी है.
शिकायत में विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इसमें कहा गया है कि मान्यता प्राप्त करने के लिए पूर्व में किए गए निरीक्षणों में फर्जीवाड़ा किया गया है. साथ ही स्टाफ की नियुक्तियों और यूनिवर्सिटी के बुनियादी ढांचे में भी भारी विसंगतियां पाई गई हैं. शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले में जालसाजी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है.
13 सदस्यीय टीम करेगी जांच
कलेक्टर के निर्देश पर चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने एक 13 सदस्यीय विस्तृत जांच कमेटी का गठन किया है. इस टीम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है.
जांच टीम के मुख्य सदस्य
इस टीम में डॉ. शीलचंद्र गुप्ता (प्रशासकीय अधिकारी प्रशासन/प्राध्यापक-अर्थशास्त्र), डॉ. सुमन रोहिला (डीन पुस्तकालय प्रकोष्ठ/विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र), डॉ. आमिर ऐजाज (परीक्षा नियंत्रक/आरटीआई प्रभारी/प्राध्यापक भूगोल), डॉ. सुशीला पटेल (छात्रवृत्रि प्रभारी/विभागाध्यक्ष हिंदी), प्रो. विनयमणि त्रिपाठी (संयोजक आईक्यूएसी/विभागाध्यक्ष वाणिज्य), प्रो. राजकुमार साहू (प्राचार्य शासकीय विधि महा. सीहोर) के नाम हैं.
इसके अलावा प्रो. कैलाश ठाकरे (प्रभारी एनटीएफ/विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र), तहसील श्यामपुर, अनिल पिपलोदिया (क्रीड़ाधिकारी), डॉ. मनोज कुमार शर्मा (विभागाध्यक्ष योग, डीन छात्र समग्र नवाचार), एलपी कीर (प्रभारी मुख्य लिपिक, लेखापाल), नरेश सेन (सहायक छात्रवृत्ति प्रकोष्ठ), परवजे अंसारी (सहायक स्थापना प्रकोष्ठ) जांच टीम में शामिल हैं.
पारदर्शिता के साथ जांच करेगी टीम
यह टीम विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करेगी और सभी दस्तावेजों की पारदर्शिता के साथ जांच करेगी. जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे वस्तुस्थिति के आधार पर अपनी रिपोर्ट सौंपें. यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द होने के साथ-साथ प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
इस संबंध में आर्यावर्त यूनिवर्सिटी के संचालक पुष्पेन्द्र गौतम का कहना है कि यूनिवर्सिटी की मान्यता के लिए हमने सभी नियमों को अनुशरण किया है. नियमानुसार ही यूनिवर्सिटी का संचालन किया जा रहा है. वहीं रुकमणी देवी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर ब्रजेश पाटीदार का कहना है कि यूनिवर्सिटी का पूरा काम पुष्पेंद्र गौतम देखते हैं, मैं कुछ भी नहीं कह सकता, वे ही बता पाएंगे. यह जांच टीम अब इस मामले में बारिकी से जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगे.
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Source: IOCL

























