अखबार पर परोसा मिड-डे मील, अब अचानक स्कूल में आ गईं चमचमाती प्लेटें! पढ़ें पूरा मामला
MP News: श्योपुर के सरकारी स्कूल में बच्चों को अखबार पर मध्याह्न भोजन परोसने के बाद आलोचना के चलते प्रशासन ने कार्रवाई की. अब स्कूल को स्टील की प्लेटें दी गईं और जिम्मेदार अधिकारी निलंबित हुए.

आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं. गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण भी मिल सके, इसके लिए सरकार ने कई सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना शुरू की है. लेकिन एक स्कूल से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बच्चों को मिड-डे मील अखबार पर परोसा गया.
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के हुल्लापुर सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को अखबार पर मध्याह्न भोजन परोसे जाने का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है. आलोचना के बाद स्कूल में नई स्टील की प्लेटें उपलब्ध कराई गईं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है. इस घटना की निंदा राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने की. अखबार, जो पढ़ने के काम आता है, उसमें छपने वाली स्याही में मौजूद रसायन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं.
प्रशासन की कार्रवाई और निरीक्षण
BJP नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री रामनिवास रावत और एसडीएम अभिषेक मिश्रा ने 8 नवंबर को विजयपुर ब्लॉक स्थित हुल्लापुर स्कूल का दौरा किया. दोनों अधिकारियों ने छात्रों के साथ बैठकर स्टील की प्लेटों में परोसा गया भोजन किया. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए नए वीडियो में स्कूल परिसर सजा हुआ दिखा और बच्चे साफ-सुथरी प्लेटों में भोजन करते नजर आए. मिश्रा ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता और परोसने की व्यवस्था सही पाई गई.
जिम्मेदारों पर सख्त कदम
एसडीएम अभिषेक मिश्रा ने कहा कि घटना की जांच के बाद स्वयं सहायता समूह का ठेका रद्द कर दिया गया है, जो भोजन तैयार करने के लिए जिम्मेदार था. पीटीआई के अनुसार, अब यह जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन समिति को सौंप दी गई है. स्कूल प्रभारी भोगीराम धाकड़ को निलंबित किया गया है, जबकि दो अन्य कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं. मिश्रा ने कहा कि प्रशासन इस मामले पर नजर रखेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.
राहुल गांधी का तीखा हमला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि भारत के भविष्य कहे जाने वाले बच्चे अखबार पर खाना खाने को मजबूर हैं. राहुल ने ‘एक्स’ पर लिखा कि ये वही मासूम बच्चे हैं, जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है, लेकिन उन्हें इज़्ज़त की थाली तक नसीब नहीं है. यह घटना देश में बच्चों के सम्मान और सरकारी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
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Source: IOCL






















