MP की महक अब सात समंदर पार! सीएम मोहन ने किया 'पुष्प महोत्सव' का शुभारंभ, 3 दिनों तक चलेगा मेला
MP News: CM डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष 2026 पर राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. उन्होंने प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए और ब्रोशर विमोचन किया.

Madhya Pradesh Flower Festival: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शुक्रवार को भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का शासकीय गुलाब उद्यान, लिंक रोड क्रमांक-1 में शुभारंभ कर प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों, नर्सरी संचालकों तथा पुष्प प्रेमियों से चर्चा की.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार तथा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विभाग के ब्रोशर का विमोचन भी किया गया. इस अवसर पर प्रदेश में उद्यानिकी गतिविधियों पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुष्प केवल प्रकृति की नहीं हमारे भावों की भी सुंदर और सशक्त अभिव्यक्ति हैं. जन्म से लेकर जीवन के हर मंगल अवसर तक पुष्प हमारे भावों को अभिव्यक्त करते हैं. वर्तमान में यही पुष्प किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और निर्यात क्षमता को मजबूत बनाने का माध्यम बन रहे हैं.
गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश, देश में पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य में है. अब मध्यप्रदेश के फूलों की सुगंध पेरिस और लंदन तक पहुंच रही है. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने भोपाल के गुलाब उद्यान में आयोजित एकदिवसीय राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव की अवधि तीन दिन करने की घोषणा की.
फूलों की खेती से किसानों की आय में वृद्धि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव के माध्यम से किसानों को व्यवसायिक स्तर पर फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. राज्य के किसान पुष्प उत्पादन से अपनी आय बढ़ा रहे हैं. इस आयोजन में पुष्प उत्पादक किसान, नर्सरी संचालक और खरीदार तीनों एक स्थान पर जुटे हैं. किसानों को बाजार की संभावनाओं और फूलों की खेती की जानकारी प्रदान की जा रही है. फूलों के माध्यम से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं. प्रदेश में फूलों की खेती का रकबा निरंतर बढ़ रहा है.
प्रदेश में 40 हजार किसान पुष्प उत्पादन से जुड़े
प्रदेश के किसान, फूल नहीं अपने मन का भाव दूसरे स्थानों पर भेजते हैं. प्रदेश के 40 हजार किसान पुष्प उत्पादन से जुड़े हैं और 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों का उत्पादन हो रहा है. हर साल लाखों टन फूल गुजरात, महाराष्ट्र सहित विदेशों में भी भेजा जा रहा है. राज्य सरकार किसानों को पुष्प उत्पादन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और अनुदान में सहायता प्रदान कर रही है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दूसरा सर्वाधिक पुष्प उत्पादक राज्य है. वर्ष 2021-22 तक राज्य में फूलों की खेती का रकबा 37 हजार हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 44 हजार हेक्टेयर हो चुका है. प्रदेश का पुष्प उत्पादन 86 लाख टन हो गया है.
राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सोयाबीन किसानों को भावांतर राशि अंतरित की जा रही है. किसानों को गेहूं का 2600 रुपए प्रति क्विंटल भाव दिया जा रहा है. संभव है कि वर्ष 2026 में किसानों को 2700 रूपए प्रति क्विंटल गेहूं का भाव मिले, वर्ष 2030 तक गेहूं का मूल्य 3000 प्रति क्विंटल मिलेगा.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिए प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने कभी किसानों के हितों से समझौता नहीं किया. किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें उद्यानिकी, दूध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन जैसे सभी क्षेत्रों की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. कृषि कल्याण वर्ष में राज्य सरकार अलग-अलग 16 विभागों को एक साथ जोड़कर कार्य कर रही है.
सिंचाई कृषि का आधार है, राज्य के किसानों को सूक्ष्य सिंचाई योजना के लिए पर्याप्त अनुदान दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्यान्न उद्यम योजना (पीएमएफएमई) के माध्यम से हितग्राहियों को 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल रही है. किसानों को पॉली, सेडनेट हाउस स्थापित करने में भी अनुदान दिया जा रहा है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























