Indore: '10 साल बाद पैदा हुआ था बेटा', दूषित पानी पीने से 6 महीने के मासूम की मौत, पिता का छलका दर्द
Indore News: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से कई लोगों की मौत हुई, जिनमें एक परिवार का 6 महीने का बेटा भी शामिल है. बच्चे के पिता ने बताया कि 10 साल बाद उनके घर में बेटा हुआ था.

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की वजह से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इसी हादसे में एक परिवार ने अपने छह महीने के बेटे को खो दिया. बच्चे के पिता सुनील साहू ने बताया है कि उनके घर में 10 साल बाद किसी बच्चे का जन्म हुआ था.
बच्चे के पिता ने मीडियो को आपबीती सुनाई है. उन्होंने बताया, ''दूषित पानी पीने से बच्चे की तबीयत खराब हो गई थी. बच्चा 26 दिसंबर को दस्त से बीमार पड़ गया और उसे एक स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया, जिसने दवाइयां दीं. जांच के दौरान परिवार बच्चे को घर वापस ले आया, लेकिन फिर 29 दिसंबर को बच्चे को तेज बुखार हुआ और घर पर ही उसकी मौत हो गई.''
10 साल बाद पैदा हुआ था बेटा- पिता
बच्चे के पिता सुनील साहू ने कहा, "उसे दस्त और बुखार था. हम उसे 26 दिसंबर को डॉक्टर के पास ले गए थे. डॉक्टर ने दवा दी और हम उसे घर ले आए. बच्चा दो दिन तक ठीक रहा, फिर अचानक रात में तेज बुखार हुआ. उसने उल्टी की और 29 दिसंबर को घर पर ही उसकी डेथ हो गई.'' उन्होंने बताया कि मेरी एक बेटी है और यह बेटा 10 साल बाद पैदा हुआ था. वह 6 महीने का था.
मरीजों से मिले सीएम मोहन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिले में दूषित पानी पीने की वजह से बीमार पड़े लोगों से मुलाकात की. जिन लोगों का इलाज चल रहा था, उनसे मिलने के लिए सीएम मोहन ने अस्पतालों का दौरा किया और मरीजों की सेहत के बारे में जानकारी ली, मुख्यमंत्री ने दूषित पानी पीने से पीड़ित लोगों से बातचीत की और अधिकारियों को सभी मरीजों के लिए टाइम पर दवा देने को कहा.
मरीजों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पत्रकारों से कहा, "मैंने चार-पांच अस्पतालों का दौरा किया और इलाज करा रहे सभी मरीजों से मुलाकात की. सभी मरीजों की तबीयत ठीक है और हॉस्पिटल में इलाज की अच्छी सुविधा दी जा रही है.
मृतकों के परिवारों को मिलेगा 2 लाख का मुआवजा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा, "भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गहन जांच की जाएगी." मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और सभी पीड़ित लोगों के लिए फ्री इलाज की भी घोषणा की है. इससे पहले मुख्यमंत्री यादव ने इस चूक के लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी.
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