Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव के लिए इतना खर्चा कर सकते हैं उम्मीदवार, चुनाव आयोग ने तय की बजट लिमिट
Lok Sabha Candidate Expenditure Limit: लोकसभा प्रत्याशियों की खर्च सीमा को बढ़ा दिया गया है. मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने लोकसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी.

MP Lok Sabha Election 2024: देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर चार चरणों में मतदान कराये जायेंगे. आज (19 मार्च) मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने प्रेसवार्ता को संबोधित किया. उन्होंने मीडिया को बताया कि राजनीतिक दलों के प्रत्याशी को लोकसभा चुनाव प्रचार और अन्य मद में खर्च की सीमा 95 लाख रुपये तक है. उन्होंने कहा कि नामांकन का पर्चा दाखिल करने के साथ चुनावी खर्च की गिनती शुरू हो जायेगी.
सीईओ राजन ने जानकारी दी कि पिछले लोकसभा चुनाव तक प्रत्याशी की खर्च लिमिट 70 लाख रुपये थी. अब चुनावी की सीमा बढ़ाकर 95 लाख रुपये तक कर दिया गया है. चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी 95 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था इसी चुनाव से लागू हो रही है. इस तरह विधानसभा में 28 लाख रुपये की लिमिट बढ़ाकर 40 लाख रुपये इसी आदेश के अंतर्गत की गई है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की प्रेसवार्ता
मध्य प्रदेश के 26 जिलों के लिए मुख्य निर्वाचन निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने विशेष प्लान की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में 26 जिलों का वोटिंग प्रतिशत कम था. इस बार 26 जिलों के लिए मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. 26 जिलों की 75 विधानसभा क्षेत्रों में 20 मार्च से 20 अप्रैल तक जागरूकता वाहन चलाकर लोगों को वोटिंग के लिए प्रेरित करेंगे.
इन जिलों में चुनाव आयोग का फोकस
मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, गुना, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, सीधी, रीवा, सिंगरौली, शहडोल, कटनी, जबलपुर, भोपाल, देवास, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन और रतलाम पर चुनाव आयोग का फोकस रहेगा.
उन्होंने बताया कि 3500 केन्द्र महिला और 250 केन्द्र दिव्यांग संचालित करेंगे. प्रेसवार्ता के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि पिंक बूथ श्रेणी में 3500 मतदान केन्द्र महिलाओं और 250 मतदान केन्द्र दिव्यांग संचालित करेंगे. उन्होंने कहा कि लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा से बाहर कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है, इसलिए कर्मचारी को वोट डालने के लिए इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट दिए जाएंगे.
जानें सबसे कम मतदान केंद्र कहां हैं?
उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए सबसे कम मतदान केन्द्र 1934 छिंदवाड़ा में हैं, जबकि सबसे अधिक 2614 मतदान केन्द्र बालाघाट में बनाये गये हैं. छिंदवाड़ा में सबसे कम वोटर एक करोड़ 63 लाख दो हजार 74 हैं, जबकि सबसे अधिक इंदौर में 2 करोड़ 51 लाख 3 हजार 424 वोटर्स की संख्या है.
उन्होंने कहा कि जहां वोटरों की संख्या 1500 से ज्यादा है वहां सहायक मतदान केन्द्र का प्रस्ताव भेजा गया है. राजन ने बताया कि आज की आबादी का 64.54 प्रतिशत मतदाता हैं. प्रति हजार पुरुष पर 947 महिला मतदाताओं की संख्या है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने के मुताबिक प्रदेश में कुल मतदाता 5 करोड़ 64 लाख 76 हजार 110 हैं.
ओवरसीज वोटर 118, थर्ड जेंडर वोटर 1228, सर्विस वोटर 74 हजार 835, कुल मतदान केन्द्र 65 हजार 423, हर श्रेणी के कुल मतदाता 5 करोड़ 65 लाख 50 हजार 945, 18 से 19 वर्षीय वोटर्स की संख्या 1 करोड़ 60 लाख 49 हजार 641, 80 प्लस वोटर्स 6 लाख 99 हजार 976, 85 प्लस वोटर्स 2 लाख 89 हजार 503, दिव्यांग मतदाता 5 लाख 79 हजार 130, प्रदेश में जारी शस्त्र लाइसें 2 लाख 84 हजार 504, जमा कराए गए शस्त्र सवा लाख, जबकि 152 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं.
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