इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप यादव को हटाया गया, दूषित पानी से मौत पर एक्शन
Indore Water Contamination: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी.

इंदौर में दूषित पानी से मौत मामले में नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाने का निर्देश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं. एक्स पोस्ट में उन्होंने इसकी जानकारी दी. सीएम ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी. इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं. निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है.
इंदौर के स्थानीय नागरिकों ने शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप की वजह से छह महीने के बच्चे समेत 15 लोगों की मौत का दावा किया है. हालांकि, इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है. मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ दूषित पेयजल मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए.
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
'MP में अन्य जगहों के लिए भी सुधारात्मक कदम उठा रहे'
इससे पहले एक अन्य पोस्ट में सीएम मोहन यादव ने लिखा, ''इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं. इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं.
CM ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की
मुख्यमंत्री ने सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त और जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की और समीक्षा कर जरूरी निर्देश जारी किए.
200 से अधिक मरीज अस्पताल में अभी भर्ती
स्थिति रिपोर्ट में बताया गया है कि भागीरथपुरा इलाके में 29 दिसंबर से डायरिया के मामले सामने आने शुरू हुए और जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल इनका संज्ञान लिया. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार (02 जनवरी 2026) तक कुल 294 मरीज स्थानीय अस्पतालों में भर्ती हुए जिनमें से 93 लोगों को छुट्टी दे दी गई है यानी 201 मरीज अब भी भर्ती हैं जिनमें से 32 व्यक्ति आईसीयू में हैं.
पानी में मिला घातक बैक्टीरिया!
भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा लाइन से जो वाटर सप्लाई हो रहा था उसमें खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए. इस पानी के सैंपल में ऐसे तत्व भी पाए गए हैं जो उल्टी, दस्त और हैजा जैसी बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं. अभी तक 80 सैंपल की जांच कराई गई, जिसमें से कुछ की रिपोर्ट आई है.
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Source: IOCL





















