Viral News: इंदौर में होगा भगवान ब्रह्मा, विष्णु, नारायण और शिव के विवाह का नवीनीकरण, जानिए किस दिन होगी किस देवता की शादी
MP News: देवकरण चौहान को भगवान की शादी का खयाल 13 साल पहले आया था. इसके लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है. वे 13 सालों से जमीन पर सो रहे हैं और बाहर का खाना तो दूर पानी भी नहीं पीते हैं.

भक्त और भगवान के कई किस्से आपने सुने होंगे लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) के एक गांव में एक भक्त भगवान की शादी करवा रहा है. भक्त द्वारा भगवान के नवीनीकरण के लिए शादी का फैसला लिया गया है. इसके लिए उसने बाहर का जल भी वर्षों से त्याग रखा है. इस विवाह की चर्चा हर जगह हो रही है.
13 साल से जमीन पर सो रहे
यह अनोखा विवाह होने जा रहा है चार भगवानों का जिनका निमंत्रण भी ऊंकार जी और महाकाल भगवान को दिया जा चुका है. यह अनोखा विवाह इन्दौर से सटे ग्राम दतोदा के रहने वाले भक्त देवकरण चौहान आयोजित कर रहे हैं. भगवान के नवीनीकरण के लिए शादी का फैसला लिया गया है. देवकरण चौहान को भगवान की शादी का खयाल 13 साल पहले आया था. वह अब पूरा होने जा रहा है. इसके लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है. वे 13 साल से जमीन पर सो रहे हैं. बाहर का खाना तो दूर पानी भी नहीं पीते हैं.

किन लोगों को निमंत्रण दिया गया
ब्रह्मा, विष्णु , नारायण और शिव का ये अनूठा विवाह 13 दिवसीय है. यह 30 मई से 11 जून तक चलेगा. हिंदू रीति रिवाज के हिसाब से भगवान की लग्न लिखी गई है. मंडप और बारात निकालकर धूमधाम से विवाह संपन्न होगा. इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों में कई बार देखा जाता है कि पंपलेट छपवाकर प्रचार किया जाता है, लेकिन इस शादी में पत्रिका छपवाई गई है. 300 पत्रिका परिवार की बहन, बेटी और रिश्तेदारों को भेजी गई है. हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी देवताओं की मान्यता है, उन सभी को इस विवाह में आमंत्रित किया गया है. उज्जैन के महाकाल बाबा के साथ ही ऊंकार जी को भी पत्रिका देकर विवाह का निमंत्रण दिया गया है.
कब कब किसका विवाह होगा
आयोजक देवकरण चौहान बताते हैं कि विवाह की रस्म में भगवान ब्रह्मा जी और माता सरस्वती का विवाह एक दिन में हुआ था. ब्रह्मा का विवाह 31 मई को होगा जिसका 30 मई को गणेश पूजन का आयोजन रखा गया है. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के विवाह का मंडप और लग्न 8 जून को होगा. इसका गणेश पूजन 7 जून को किया जाएगा. वहीं भगवान नारायण का विवाह माता तुलसी के साथ 10 जून को होगा. इसका गणेश पूजन 7 जून को किया जाएगा. वहीं भगवान शिव के विवाह का आयोजन 11 जून को होगा. भगवान शिव का विवाह माता सती से किया जाएगा जिसका गणेश पूजन 30 मई को ही होगा.

आयोजक ने और क्या बताया
देवकरण चौहान ने बताया, इस विवाह में भंडारे का आयोजन दातोद में 11 जून को कुशवाह समाज धर्मशाला में किया जाएगा. भक्ती संगीत के साथ बरात भी निकाली जाएगी. इस आयोजन में सभी भगवान की मूर्ति खड़े स्वरूप में चाहिए थी. माता सती की मूर्ति नहीं मिल पा रही थी. तब एक कारीगर ने मूर्ति बनाकर देवकरण चौहान को दी. देवकरण चौहान बताते हैं कि एक बार पहले भी विवाह के लिए लग्न लिखा चुकी थी लेकिन भगवान का आदेश नहीं हुआ था इसलिए लग्न को ठंडा करना पड़ा. अब पूरी तैयारी हो चुकी है.
बेटे का विवाह भगवान के विवाह के बाद
विवाह की खास बात यह है कि इस पत्रिका में स्वयं के अलावा परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं दिया है. प्रेषक में भी सुखदेश्वर महाराज का नाम दिया है. विनीत में भगवान गणपति बप्पा का नाम है. स्वागत में पावागढ़ वाली महाकाली मां और भद्रकाली और संत ज्ञानेश्वर का नाम लिखा है. बता दें कि ग्राम दातोदा के रहने वाले आयोजक देवकरण चौहान पेशे से किसान हैं. वे मिर्ची का व्यापार करते हैं. उनके परिवार में 5 बेटियां, एक बेटा और पत्नी हैं. वे 5 बेटियों की शादी कर चुके हैं. वहीं बेटे का विवाह भगवान के विवाह के बाद ही करने का संकल्प लिया है.
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Source: IOCL





















