Exclusive: 'हम रसखान के दोहे गाते हैं, कलाम को भी सैल्यूट करते हैं', हिंदुत्व और 'भगवा आतंकवाद' पर धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान
Pandit Dhirendra Shastri Exclusive: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि सच्चा हिंदुत्ववादी कभी हिंसा नहीं करेगा. मालेगांव ब्लास्ट और डोनाल्ड ट्रंप पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी.

बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में एबीपी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अपने विदेश दौरों, हिंदुत्व, तथाकथित भगवा आतंकवाद और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अपने विचार बेबाकी से रखे. धीरेंद्र शास्त्री इस इंटरव्यू में कई सवालों के जवाब में अपनी स्पष्ट राय दी. जिसने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं. उन्होंने कहा कि हम मुसलमानों के विरोधी नहीं हैं. हम एक विचारधारा के विरोधी हैं.
हिंदुत्व का मतलब अहिंसा और सबको गले लगाना
हिंदूवादी आतंकवादी के सवाल पर धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा, "जो हिंदुत्ववादी वास्तविक होगा, हिंदुत्व परंपरा को पढ़ेगा, जानेगा, समझेगा, जीवन जिएगा वो कभी हिंसा पर नहीं उतरेगा. हिंदुत्व का मतलब अहिंसा. हिंदुत्व का मतलब सबको गले लगाना है."
उन्होंने कहा, "हम रसखान के भी दोहा गाते हैं, अब्दुल कलाम को भी सलूट करते हैं. इससे यह सिद्ध होता है कि हम मुसलमानों के विरोधी नहीं हैं. हम एक विचारधारा के विरोधी हैं जो मानवता के खिलाफ है, जो भारत के खिलाफ है, जो तिरंगा के खिलाफ, जो गीता के खिलाफ, जो रामायण के खिलाफ, जो वेद के खिलाफ, जो वेद परंपरा के खिलाफ है. हिंदू जो भी होगा वो आतंकवादी हो ही नहीं सकता यदि वो हिंदुत्व को पढ़ेगा तो, नहीं पढ़ेगा तो कुछ भी हो सकता है."
#WATCH | भगवा आतंकवाद और डोनाल्ड ट्रंप पर बेबाक बयान
— ABP News (@ABPNews) September 6, 2025
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'भगवा आतंकवाद जैसा कुछ नहीं होता'- शास्त्री
मालेगांव ब्लास्ट से जुड़े सवाल पर धीरेन्द्र शास्त्री ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए कहा, "हाँ, हम बहुत छोटे रहे थे. वो बहुत पुरानी घटना है. उस वक्त हम ऐसे हौंस में थे नहीं. बाद में हमने आर्टिकल्स पढ़े, न्यूज खोखो पढ़ा और देखा तो समझ में आया कि एक ट्रैंड चलाया गया थी. ट्रैंड एक थीम चलाई गई थी. भगवा आतंकवाद, भगवा आतंकवाद नाम करके एक शब्द निकाला गया था और उसको एक ब्रांड बनाया गया था कि भगवा आतंकवाद है. फिर बाद में उसके काउंटर में लोगों ने अपने अपने तथ्य रखे थे कि भगवा आतंकवाद नहीं होता है."
उन्होंने कहा, "भगवान की कृपा से अब वो इतने साल बाद ही सही यह बात तय हो गई कि भगवा आतंकवाद नहीं होता. यह तो सिद्ध हो गया है. उस थीम का जो सिलेबस था उस सिलेबस का चैप्टर बंद हो गया. अब उस वक्त घटना घटी, अब निर्णय तो हुआ. आजकल अदालतों में निराकरण तो हो रहा है, न्याय की थोड़ा कमी है. बहुत अच्छा निराकरण हुआ कि भगवा आतंकवाद नहीं है."
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "प्रश्न यह उठता है कि ब्लास्ट किसने किया? कहीं ऐसा तो नहीं है. एक व्यू हमारा है, हम थोप नहीं रहे हैं. हो सकता हो ये भगवा आतंकवाद की कहानी जिसने रची हो, उसने करवा दिया."
ट्रंप पर हल्के-फुल्के अंदाज में की टिप्पणी
अमेरिका दौरे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े सवाल पर शास्त्री ने कहा, "नहीं, हम अमेरिका गए भी नहीं हैं. वो आदमी हमें बहुत ज्यादा समझ नहीं आता है. सुबह कुछ और बोलता है, शाम को कुछ और बोलता है."
अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर उन्होंने कहा, "यह कोई बहुत बड़ी हरकत थोड़ी है. बहुत छोटी हरकत है. अंतरराष्ट्रीय लेवल पर यह बहुत छोटी हरकत है. यह कोई बहुत बड़ी हरकत नहीं है. हम चाहेंगे कि भारत को एक नई सीख लेनी चाहिए कि वो आत्मनिर्भर बने."
























