धार: हॉस्टल से निकलकर आधी रात थाने पहुंचीं छात्राएं, बताई समस्याएं
Dhar Hostel Girls News: रविवार देर रात करीब 12 बजे छात्राएं छात्रावास से निकलकर पैदल कुक्षी की ओर रवाना हो गईं. रात के समय सुनसान रास्ते पर छात्राओं को जाते देख कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी.

मध्य प्रदेश के धार जिले के निसरपुर स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर के छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के आधी रात को अचानक छात्रावास से निकलकर कुक्षी पुलिस थाने पहुंचने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि छात्राएं छात्रावास में व्याप्त समस्याओं और सुविधाओं की कमी से परेशान थीं. हैरानी की बात यह रही कि छात्राओं के छात्रावास से निकलने की जानकारी अधीक्षक को तत्काल नहीं लग पाई.
जानकारी के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 12 बजे छात्राएं छात्रावास से निकलकर पैदल कुक्षी की ओर रवाना हो गईं. रात के समय सुनसान रास्ते पर छात्राओं को जाते देख कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी. ग्रामीणों ने छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं. इसके बाद उन्हें सुरक्षित कुक्षी पुलिस थाने तक पहुंचाया गया.
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थाने पहुंचकर छात्राओं ने की नारेबाजी
थाने पहुंचकर छात्राओं ने अपनी समस्याओं को लेकर नारेबाजी की और प्रशासन के सामने छात्रावास की व्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया. सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से चर्चा की. इस दौरान जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल सहित संगठन के पदाधिकारियों ने अधिकारियों के सामने छात्राओं की समस्याएं रखीं.
छात्राओं ने छात्रावास के सुरक्षित भवन, रहने की उचित व्यवस्था, भोजन, पढ़ाई की सामग्री और अन्य सुविधाओं से जुड़ी परेशानियां बताईं. अधिकारियों ने समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राओं को समझाइश देकर सुरक्षित वापस छात्रावास पहुंचाया गया.
जयस नेता रविराज बघेलने लगाया आरोप
जयस नेता रविराज बघेल ने आरोप लगाया कि जिले के कई छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है. भोजन की गुणवत्ता, पुस्तकों और ड्रेस सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए.
वहीं, यह मामला सामने आने के बाद छात्रावासों की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. अधिकारियों द्वारा छात्राओं की बताई समस्याओं के निराकरण के लिए क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी.
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