MP में किसानों के आंदोलन पर CM यादव बोले- हमने बनाई समिति, सुझावों का स्वागत
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के आंदोलन के बीच बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि हम किसानों को समाधान का भरोसा दिलाते हैं.

भोपाल में किसानों के विरोध-प्रदर्शन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, सरकार ने किसानों की चिंताओं पर गौर करने के लिए एक समिति बनाई है. हम किसानों के कल्याण के लिए रचनात्मक सुझावों का स्वागत करते हैं और बातचीत के ज़रिए समाधान का भरोसा दिलाते हैं.
उन्होंने कहा, हम किसानों से जुड़े कई काम कर रहे हैं. मैंने एक समिति बनाई है जो किसानों से बातचीत करेगी. कल हमने अपने कृषि मंत्री और अन्य अधिकारियों को भेजा था और आज भी हमारे कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, अधिकारियों की एक टीम के साथ किसानों से बातचीत करेंगे. हम अपील करते हैं कि सरकार किसानों और उनके सकारात्मक सुझावों के साथ खड़ी है. हालांकि, दोनों पक्षों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आम जनता को कोई परेशानी न हो. हम बातचीत के ज़रिए मुद्दों का समाधान निकाल सकते हैं.
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कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच राजनीतिक खींचतान का खामियाजा राज्य के किसानों को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भारी कर्ज का हवाला देकर गेहूं खरीदी से हाथ खड़े कर दिए और किसानों से कहा गया कि अब खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) करेगा, लेकिन केवल 49% गेहूं खरीदने की बात कही गई
कांग्रेस ने कहा कि अब मूंग की खरीदी में भी सिर्फ 25% खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जबकि कई अन्य राज्यों में 70% तक खरीद हो रही है. राहुल राज ने कहा कि मोहन यादव शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिख रहे हैं और शिवराज जवाब में पत्र भेज रहे हैं, लेकिन दोनों की राजनीति के बीच प्रदेश का किसान पिस रहा है. उन्होंने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और यदि शिवराज सिंह चौहान चाहें तो नियमों में बदलाव कर किसानों की समस्या का समाधान कर सकते हैं.
बता दें मूंग की 100% सरकारी खरीदी की मांग को लेकर किसान भोपाल पहुंच गए हैं और उन्होंने आंदोलन तेज कर दिया है. किसानों को मंगलवार रात नर्मदापुरम-भोपाल रोड पर ही रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने पूरी रात वहीं बिताई. बुधवार सुबह भी किसान भोपाल-नर्मदापुरम हाईवे पर डटे रहे और वहीं बाटी बनाकर अपना विरोध जारी रखा. किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे पीछे नहीं हटेंगे.























