MP: बाघ हमले में मौत के बाद बढ़ी सुरक्षा, पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एहतियातन उठाए ये कदम
Chhindwara News In Hindi: महुआ संग्रहण के सीजन को देखते हुए पेंच प्रबंधन ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाते हुए जंगलों में सुरक्षा का 'कवच' कड़ा कर दिया है.

पेंच टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में हाल ही में हुई एक दुखद घटना ने वन प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है. 13 अप्रैल को नियमित गश्त के दौरान गुमतरा रेंज के नाहरझिर बीट में एक 30 वर्षीय युवक, दिनेश सेवतकर का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पाया गया.
प्राथमिक जांच के अनुसार, युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था और अनजाने में प्रतिबंधित कोर क्षेत्र के 'शेरगढ़ढ़ा' जल स्रोत के समीप पहुंच गया था, जहाँ बाघ के हमले में उसकी जान चली गई. घटना के समय घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर बाघ की मौजूदगी भी दर्ज की गई थी. पेंच प्रबंधन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी है.
पेंच प्रबंधन ने कड़ी की सुरक्षा
इस घटना के बाद, महुआ संग्रहण के सीजन को देखते हुए पेंच प्रबंधन ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाते हुए जंगलों में सुरक्षा का 'कवच' कड़ा कर दिया है. सबसे महत्वपूर्ण कदम के रूप में, प्रबंधन ने संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में हाथियों के माध्यम से गश्त (Elephant Patrolling) शुरू कर दी है.
हाथी दल की मदद से जंगलों की निगरानी
हाथी दल की मदद से वनकर्मी उन घने जंगलों और पथरीले रास्तों पर भी पैनी नजर रख रहे हैं, जहाँ पैदल जाना या वाहनों का पहुंचना खतरनाक होता है. हाथी पर सवार होकर गश्त करने से ऊँचाई के कारण घनी झाड़ियों में छिपे वन्यजीवों को दूर से ही पहचाना जा सकता है, जिससे किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके.
गश्त के लिए तकनीकी का लिया जा रहा सहारा
जमीनी गश्त के साथ-साथ पेंच प्रबंधन अत्याधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रहा है. संवेदनशील क्षेत्रों में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मोशन सेंसर कैमरे लगाए गए हैं, जो बाघों या तेंदुओं की हलचल होने पर तत्काल वन विभाग के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजते हैं.
ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियान
इसके अलावा, ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए "बाघ चौपाल" और "सयाने मोगली की साइकिल" जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि वे महुआ बीनने के लिए हमेशा समूह में जाएं, जंगल में आवाज करते रहें और तड़के सुबह या देर शाम अंधेरे में जंगल में प्रवेश न करें.
प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करने की अपील
पेंच प्रबंधन ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में प्रवेश न करें. पेंच के उपसंचालक पुनीत गोयल ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व तभी सुरक्षित रह सकता है जब नागरिक सावधानी बरतें और वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें. वर्तमान में हाथियों का दस्ता और गश्ती दल चौबीसों घंटे उन क्षेत्रों में सक्रिय है जहाँ मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका सबसे अधिक है.
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Source: IOCL



























