देवास में फसल का अवशेष जलाने पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
MP News: देवस में फसल कटाई के बाद नरवाई जलाना महंगा पड़ सकता है. कलेक्टर ने कृषि विभाग को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है. जुर्माने का फैसला किसानों की भूमि के मुताबिक किया जाएगा.

Dewas News: फसल अवशेष या नरवाई को जलाने से पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ता है. देवास कलेक्टर ने पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया. कृषि विभाग को दिए आदेश में कहा गया है कि दोषियों पर 15 हजार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. जिला प्रशासन और कृषि विभाग की टीम संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगी.
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करना भारी पड़ सकता है. जारी आदेश में कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाए. कृषि विभाग के अधिकारियों को टीम बनाकर नजर रखने का भी निर्देश दिया गया है. कृषि विभाग के उपसंचालक गोपेश पाठक ने बताया कि वर्तमान में फसल की कटाई का कार्य शुरू हो गया है.
देवास में नरवाई जलाने पर लगा प्रतिबंध
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने राजस्व सीमा के अंतर्गत फसल की कटाई बाद नरवाई जलाए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर सख्त दंड का भी ऐलान किया गया है. बता दें कि फसल की कटाई के बाद अवशेष बच जाते हैं. फसल अवशेष को किसान जला देते हैं. ऐसे में अब नरवाई जलाना किसानों को भारी पड़ सकता है.
उल्लंघन पर जान लें क्या होगी कार्रवाई?
कृषि संचालक गोपेश पाठक ने बताया कि जुर्माने का फैसला किसानों की भूमि के मुताबिक किया जाएगा. उन्होंने बताया कि 2 एकड़ से कम नरवाई जलाने वाले किसानों को पर्यावरण क्षति के रूप में ढाई हजार रुपये का अर्थ दंड देना होगा. दो से पांच एकड़ वाले किसानों को 5,000 और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर नरवाई जलाने वाले किसानों को 15,000 रुपये तक से दंडित किया जाएगा. इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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Source: IOCL






















