'ये भ्रष्ट लोग हैं जो धर्म का व्यापार कर रहे, अब ED कहां है?' राम मंदिर दान चोरी पर बोले दिग्विजय सिंह
Ayodhya Ram Mandir Donation Row: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म में भगवान राम का एक अलग ही महत्व है. मैं कांग्रेस का सदस्य हूं लेकिन भगवान राम का भक्त हूं.

अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और सरकार को घेरा है. उन्होंने पूछा कि जब खुलेआम पैसे लिए जा रहे हैं और दान की चोरी हो रही है, तो ED कहां है? उन्होंने नृपेंद्र मिश्रा पर भी सवाल खड़े किए. साथ ही चंपत राय को लेकर कहा कि वो मोहन भागवत के खास आदमी हैं, ऐसे में उन्हें जेल जाने नहीं दिया जाएगा.
उन्होंने राममंदिर में सोना जड़ित रामचरितमानस दान देने वाले एस लक्ष्मीनारायण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एस लक्ष्मीनारायण जी मध्य प्रदेश कैडर के अफसर हैं, वो बेहद ईमानदार और धर्म प्रेमी हैं. उन्होंने अपनी माता और पत्नी के जेवर गलाकर 800 ग्राम का पत्र रामायण पर चढ़वाया. उसकी रसीद तक उन्हें नहीं दी गई.
#WATCH | Delhi: On the Ram Mandir donation embezzlement case, Congress leader Digvijaya Singh says, "...what about the Sindhis? What happened to the 200 stone slabs—weighing two quintals—that those poor souls contributed? You didn't even give them a receipt. The Sindhis are such… pic.twitter.com/mbv8YSjoPk
— ANI (@ANI) July 7, 2026
ये भ्रष्ट लोग हैं जो धर्म का व्यापार कर रहे- दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, ''सिंधी समुदाय का क्या? उन लोगों ने जो दो क्विंटल वजन के 200 शिलाएं दान किए थे, उनका क्या हुआ? आपने उन्हें रसीद तक नहीं दी. सिंधी लोग आपके कितने समर्पित अनुयायी हैं. उन्होंने किसी को नहीं बख्शा और वे किसी को नहीं बख्शेंगे. ये भ्रष्ट लोग हैं जो धर्म का व्यापार कर रहे हैं.''
धर्म कोई व्यापार की चीज नहीं है- दिग्विजय सिंह
उन्होंने कहा, ''धर्म व्यापार की कोई वस्तु नहीं है. राजनीति बांटती है, जबकि धर्म जोड़ता है. मेरा RSS के साथ एक ही झगड़ा है कि सभी धर्मों का सम्मान करें. सनातन धर्म वह है जो सभी आस्थाओं का सम्मान करता है. किसी भी धर्म के खिलाफ न बोलें और न ही उनके अनुयायियों के साथ अन्याय करें. 'हिंदू' शब्द हमारे धर्म का नाम नहीं है. हमारी आस्था सनातन धर्म है. 'हिंदू' असल में एक फारसी शब्द है, फिर भी आप एक फारसी शब्द के आधार पर 'हिंदू राष्ट्र' की वकालत करते हैं. पहले हिंदू-हिंदू करते थे और अब सनातन-सनातन कर रहे हैं."
मोहन भागवत के खास हैं चंपत राय- दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ये भी कहा, ''चंपत राय मोहन भागवत के खास हैं. क्या मोहन भागवत कभी उन्हें जेल में जाने देंगे? आखिरी दम तक वो बचाएंगे. लेकिन हम उनको छोड़ेंगे नहीं. गोपाल राव जो हैं, वो या उनका चेला हर महीने में कई बार एसी फर्स्ट क्लास से अयोध्या से बाहर जाते थे और वहां से लौटकर हवाई जहाज में आते थे. वो सूटकेस में क्या लेकर जाते थे, मुझे नहीं मालूम है.''
'मैं अच्छी तरह जानता हूं कि SIT में कौन-कौन होता है'
उन्होंने ये भी कहा, "मैं भी दस साल तक मुख्यमंत्री रहा हूं, इसलिए मैं अच्छी तरह जानता हूं कि SIT में कौन-कौन होता है. कौन से अधिकारी और कर्मचारी शामिल होते हैं. हम जानते हैं कि किसे बचाना है और किसे नहीं, इसका फैसला कैसे किया जाता है. निश्चित रूप से पीएम मोदी और मोहन भागवत जी का दबाव है. मैं इस मामले को सामने लाने के लिए अखिलेश जी को बधाई देता हूं."
'मैं कांग्रेस का सदस्य हूं लेकिन भगवान राम का भक्त हूं'
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम ने कहा, ''भारत में सनातन धर्म में भगवान राम का एक अलग ही महत्व है. वे हमारे लिए एक आदर्श हैं. मैं कांग्रेस का सदस्य हूं लेकिन भगवान राम का भक्त हूं. मेरा परिवार लंबे समय से भगवान राघवजी के राघौगढ़ मंदिर से जुड़ा हुआ है. हमने शिला पूजन के लिए आयोजित रथ यात्रा में भी योगदान दिया था.''
'निर्माण कार्य पर 40% कमीशन लिया जा रहा था'
कांग्रेस नेता ने कहा, ''हमें खुशी है कि गोरखनाथ मठ के प्रमुख - जिन्होंने निर्मोही अखाड़े के साथ मिलकर एक सदी से ज़्यादा समय तक राम जन्मभूमि की लड़ाई लड़ी, अब वहां के मुख्यमंत्री हैं. नृपेंद्र मिश्रा जी कौन हैं? वे प्रधानमंत्री के सबसे भरोसेमंद प्रिंसिपल सेक्रेटरी थे. उन्होंने खुद बड़े पैमाने पर लूटपाट की बात कही है. अब यह सामने आ रहा है कि निर्माण कार्य पर 40% कमीशन लिया जा रहा था.''
'क्या नृपेंद्र मिश्रा भी इसमें शामिल हैं?'
उन्होंने ये भी कहा, ''यहां तक कि पत्थर सप्लायर ने भी कहा है कि वह पत्थर मुफ्त में देना चाहता था, लेकिन उसे कहा गया कि हम उन्हें मुफ़्त में नहीं लेंगे. क्या नृपेंद्र मिश्रा जी भी इसमें शामिल हैं? जब तक यह मामला सामने नहीं आया, आप चुप क्यों रहे? जिम्मेदारी आपकी भी है. मैं पीएम मोदी जी से कह रहा हूं कि लोगों के मन में आपकी जो इज्जत थी, उसे खत्म कर रहे हैं.
खुलेआम चोरी हो रही है तो ED कहां है- दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, ''नेशनल हेराल्ड केस में तो कैश का लेन-देन भी नहीं हुआ था, फिर भी आपने उन पर ED लगा दी. लेकिन यहां, जब खुलेआम पैसे लिए जा रहे हैं और चोरी हो रही है, तो ED कहां है? मैं डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट से मिलने का समय लेने की सोच रहा हूं ताकि उनसे एक्शन लेने की रिक्वेस्ट कर सकूं. मैंने खुद डोनेशन दिया है. मैं पूछना चाहता हूं, आप एक्शन क्यों नहीं ले रहे हैं? मैं उन्हें लेटर लिखने के बारे में सोच रहा हूं.''
























