MP Elections 2023: मालवा-निमाड़ में BJP को लगा था तगड़ा झटका, इस बार अमित शाह का पूरा फोकस, इंदौर में खुद तय करेंगे उम्मीदवार
MP Assembly Elections 2023: अमित शाह के हाथ में अब MP चुनाव की कमान पूरी तरह आ गई है.वे लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं. पिछले चुनाव में BJP को मालवा निमाड़ में तगड़ा झटका लगा था. इसपर अब मुख्य फोकस है.

MP Elections 2023: मध्य प्रदेश दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) मालवा निमाड़ की संभाग की 9 जिलों की 37 विधानसभा सीटों की पूरी कुंडली लेकर गए हैं. इन 37 विधानसभा क्षेत्रों में कब कौन नेता जीता और कब कौन हारा. इसके सारे विवरण उनके पास उपलब्ध हैं. अब ये माना जा रहा है कि अमित शाह ही ये तय करेंगे कि आगामी विधानसभा चुनाव में इंदौर संभाग में कौन नेता चुनाव लड़ेगा और कौन नहीं.
विधानसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश में सरगर्मी बढ़ चुकी है. पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इंदौर के दौरे पर थे और उन्होंने इंदौर के एक होटल में 1 घंटे चली बैठक में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस दौरान इंदौर संभाग की सभी 37 विधानसभा सीटों के हार जीत के समीकरण मंगवाए और अपने साथ उसे लेकर गए. अब ये माना जा रहा है कि इन समीकरणों के आधार पर अमित शाह ये तय करेंगे कि किस उम्मीदवार को टिकट देना है और किसे नहीं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में अब मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की कमान पूरी तरह आ गई है और वे लगातार मध्य प्रदेश के दौरे पर भी आ रहे हैं. पिछले 22 दिनों में तीन बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर आ चुके हैं. साल 2018 की बात की जाए तो मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मालवा निमाड़ में तगड़ा झटका लगा था. पिछले चुनाव में 37 विधानसभा सीटों में से 21 सीटों पर बीजेपी हारी थी और भारतीय जनता पार्टी संभाग के केवल 16 सीटों पर ही अपनी जीत दर्ज करा पाई थी.
अमित शाह ने मंगवाई 'कुंडली'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संभाग की 37 विधानसभा सीटों की पूरी डिटेल मंगवाई है. उन्होंने ये जानकारी भी मांगी है कि मध्य प्रदेश के मालवा में कब कौन नेता जीता और कब कौन हारा है. इससे ये कहा जा सकता है कि अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में मध्य प्रदेश में चुनावों की कमान है. इंदौर में हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिलेवार समीक्षा करते हुए संभाग के सभी नौ जिलों की समीक्षा की. एक के बाद एक की गई समीक्षा में सभी 37 सीटों की हार जीत की स्थिति शाह के सामने रखी गई.
संभावित प्रत्याशियों की लिस्ट और अन्य जानकारी लेकर अमित शाह दिल्ली रवाना हुए हैं. इसके साथ ही एक बात ये भी तय हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी में कमल का फूल देखकर ही कार्यकर्ताओं को काम करने के लिए कहा गया है. यानी आंतरिक गुटबाजी को दरकिनार करते हुए सभी नेता काम करें इस तरह के निर्देश अमित शाह ने इंदौर की हुई बैठक में दिए.
समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्री एक बात और नेताओं के साथ बैठक में स्पष्ट कर गए कि इस बार साल 2018 जैसी स्थिति नहीं बनना चाहिए. यह प्रयास किए जाएं और अधिकतर सीटें बीजेपी जीते इस बात को सुनिश्चित करें. केंद्रीय गृह मंत्री इस बात पर भी ज़ोर दे रहे हैं कि बीजेपी उम्मीदवारों की हार के स्थानीय कारण क्या रहे. आपको याद होगा की जब इंदौर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था तो उन्होंने एक बात कही थी कि मंच पर बैठे हुए नेता चुनाव नहीं जिताते बल्कि जो कार्यकर्ता हैं वो पार्टी को चुनाव जिताते हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री ने इस बात के निर्देश भी दिए हैं कि अब जो भी काम दिया जाएगा उस समय सीमा में पूरा करना है और वह हर 15 दिन में दिए गए कामों की समीक्षा खुद करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इंदौर संभाग के 18 से ज्यादा शक्ति केंद्र और 11,000 बूथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के निर्देश भी नेताओं को देकर गए.
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Source: IOCL

























