श्रीनगर के सेंटॉर होटल की नीलामी प्रक्रिया शुरू, सरकार को मिलेंगे 44 करोड़ रुपये सालाना राजस्व
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर सरकार को वित्तीय चुनौतियों का सामना है. आर्थिक सर्वेक्षण में केंद्रीय समर्थन से निर्भरता की बात कही गई है. ऐसे में संपत्तियों को नीलाम करने की तैयारी है.

Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर सरकार ने श्रीनगर में पांच सितारा होटल, पहलगाम में क्लब और अन्य संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है, साथ ही खनिज संसाधनों की फिर से बोली लगाई जा रही है. आधिकारिक दस्तावेजों में नियोजित नीलामी बेहतर दक्षता, बेहतर सेवाओं और अधिक राजस्व सृजन के लिए सार्वजनिक संपत्तियों का मुद्रीकरण करने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया गया है. पट्टे पर दी जाने वाली संपत्तियों में श्रीनगर का सेंटॉर होटल भी शामिल है. सेंटॉर होटल की नीलामी से सरकार को 44 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व मिलने की उम्मीद है. इसे आरक्षित मूल्य से 60 प्रतिशत अधिक कीमत पर सूचीबद्ध किया गया है.
दस्तावेजों से पता चलता है कि डल झील किनारे ऐतिहासिक सेंटॉर होटल पुनर्विकास के लिए पहचानी गई प्रमुख संपत्तियों में से एक है. जून 1979 में जम्मू-कश्मीर सरकार ने चश्माशाही की 13 एकड़ जमीन होटल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को 90 साल की अवधि के लिए पट्टे पर देने का फैसला लिया था. नीलामी के लिए बोली लगाई जाने वाली अन्य संपत्तियों में श्रीनगर का 140 एकड़ टैटू ग्राउंड डिफेंस लैंड प्लॉट और पहलगाम का पर्यटक रिसॉर्ट में ऐतिहासिक पहलगाम क्लब शामिल हैं.
होटल और क्लब की नीलामी प्रक्रिया शुरू
दोनों संपत्तियों को पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान शुरू की गई समान मुद्रीकरण और पुनर्विकास मॉडल के लिए विचार किया जा रहा है. पिछले साल, जम्मू-कश्मीर सरकार ने टैटू ग्राउंड स्थित 139.04 एकड़ रक्षा भूमि को पर्यटन और अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए गृह मंत्रालय को हस्तांतरित करने का समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था. जनवरी 2025 में, टैटू ग्राउंड में विश्व स्तरीय मनोरंजन पार्क विकास परियोजना के लिए ग्यारह सदस्यीय पैनल बनाया गया था.
सरकार को वित्तीय चुनौतियों का सामना
रियासी के सलाल में 317 हेक्टेयर पर लिथियम खदान ब्लॉक की नीलामी की तैयारी भी सरकार कर रही है. नीलामी से सालाना 100 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. बता दें कि संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया ऐसे समय में शुरू हो रही है जब जम्मू-कश्मीर सरकार को वित्तीय चुनौतियों का सामना है. आर्थिक सर्वेक्षण 2025 में केंद्र सरकार के समर्थन से भारी निर्भरता पर प्रकाश डाला गया है. सरकारी कामकाज के लिए श्रीनगर और पहलगाम में प्रमुख संपत्तियों की नीलामी सरकार शुरू कर रही है.
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