कश्मीरी पंडित नर्स हत्याकांड में 35 साल बाद पुलिस की रेड, कौन थीं सरला भट्ट?
Raid on Yasin Malik: राज्य जांच एजेंसी ने यासीन मलिक के श्रीनगर स्थित आवास समेत आठ ठिकानों पर 1990 के सरला भट्ट हत्याकांड में छापेमारी की. यह सबूत जुटाने और घटनाओं के क्रम को जोड़ने के लिए की गई.

जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के मुखिया यासीन मलिक के घर पर राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने रेड मारी है. सोमवार (11 अगस्त) श्रीनगर में आठ ठिकानों पर छापेमारी हुई. मामला 35 साल पुराने मर्डर केस का है, जिसमें साल 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट की हत्या कर दी गई थी.
डीप्टी एसपी आबिद हुसैन के नेतृत्व में एक टीम ने मैसूमा एसएचओ और एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट के साथ यासीन मलिक के आवास की तलाशी ली. फिलगाल यासीन मलिक नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.
सबूतों की तलाश में जुटी एजेंसी
इस जॉइंट रेड में जेकेएलएफ के कई पूर्व नेताओं और सहयोगियों को निशाना बनाया गया है, ताकि सबूत जुटाए जा सकें और 1990 में हुई इस हत्या से जुड़ी घटनाओं के क्रम को फिर से जोड़ा जा सके. यह हत्या घाटी में आतंकवाद के चरम पर होने के दौरान हुई थी. किसी भी वस्तु की बरामदगी के बारे में विस्तृत जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है.
1990 में गोलियों से छलनी मिला था सरला भट का शव
यहां बता दें कि साल 18 अप्रैल 1990 को अनंतनाग की 27 वर्षीय कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट को SKIMS सौरा के हब्बा खातून हॉस्टल से किडनैप कर लिया गया था. अगली सुबह सौरा के उमर कॉलोनी मल्लाबाग में सारा भट्ट का गोलियों से छलनी शव पड़ा मिला था.
कौन थीं सरला भट्ट?
सरला भट्ट एक नर्स थीं, जिन्होंने कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों द्वारा घाटी छोड़ने के बाद भी वहीं रहना चुना था. अनंतनाग की रहने वालीं सरला भट्ट शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑप मेडकिल कॉलेज (SKIMS) श्रीनगर में ड्यूटी करती थीं. कश्मीर में आतंकवाद के उभरने के बाद, वह उन कुछ कश्मीरी पंडितों में से थीं जो घाटी में ही रुकीं.
जब सरला भट्ट स्किम्स स्थित हॉस्टल में थीं, तो उन्हें उग्रवादियों ने पुलिस मुखबिर बताकर अगवा कर लिया था. उनका शव मिलने के बाद यह भी लगे थे कि सरला भट्टे को टॉर्चर करने के बाद उन्हें मारा गया था.
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