चश्मदीदों से तो सुन लिया, अब जानिए पहलगाम हमले की FIR में क्या है, कितनी देर चला कत्लेआम?
Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. इसमें हमले शुरू होने से लेकर पुलिस को जानकारी मिलने तक की बात बताई गई है.

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 103, 109, 61, आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 27, और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धाराएं 16, 18, 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है. आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए भी कर रही है.
103: हत्या के लिए सजा
109: हत्या का प्रयास
61 आपराधिक साजिश
शस्त्र अधिनियम की धारा 7: प्रतिबंधित हथियार के अधिग्रहण, कब्जे और निर्माण पर रोक लगाती है
27 शस्त्र अधिनियम: हथियारों के इस्तेमाल पर दंड
एफआईआर के अनुसार, हमला दोपहर 13:50 बजे से 14:20 बजे के बीच पहलगाम के बाइसारन क्षेत्र (थाने से 6.4 किमी पूर्व) में हुआ. घटना की जानकारी 14:30 बजे पुलिस को प्राप्त हुई. पुलिस स्टेशन पहलगाम में मौखिक रूप से शिकायत दर्ज की गई.
एफआईआर में है कार्रवाई की जानकारी
घटना स्थल से कोई संपत्ति का नुकसान दर्ज नहीं किया गया है. इस हमले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती और कार्रवाई का उल्लेख किया गया है.
शिकायतकर्ता पुलिस स्टेशन पहलगाम ही है, और जांच के लिए एडिशनल एसपी ग़ुलाम हसन शेख (JKPS116210) को नियुक्त किया गया है. FIR में हमले को देश की सुरक्षा और शांति के विरुद्ध गंभीर अपराध बताया गया है.
दहशत फैलाने का था इरादा
FIR में इस बात का भी जिक्र है कि अज्ञात दहशतगर्दों ने सरहद पार बैठे अपने आकाओं के इशारे पर एक सोचे समझे मंसूबे के तहत खूंखार हथियारों से सैलानी जो पहलगाम घूमने आए थे, उनपर खौफ और दहशत फैलाने के लिए हमला किया.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया. चश्मदीदों और अब तक की जांच के मुताबिक, हमले में पांच आतंकी शामिल थे.
आतंकी हमले के बाद लोगों में आक्रोश है. वहीं भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक कदम उठाए हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा है कि हमले में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो कहीं भी छिपा हो.
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Source: IOCL






















