क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भरा तो, हो सकती है गिरफ्तारी, जान लें क्या कहता है कानून
Credit Card Rules: क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न भरने पर क्या कानूनी परेशानी हो सकती है. लेकिन इसे लेकर कई लोग सोचते हैं कि जेल भी जाना पड़ सकता है. जानें क्या कहता है कानून.

Credit Card Rules: एक वक्त था जब कुछ गिने-चुने लोगों के पास ही क्रेडिट कार्ड होता था. अब लगभग सभी लोगों के पास क्रेडिट कार्ड होता है. ऑनलाइन शॉपिंग, फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग या किसी और जरूरत के लिए कार्ड से पेमेंट करना आसान लगता है. लेकिन जब बिल जनरेट हो उस वक्त अकाउंट में बैलेंस नहीं हो.
तो फिर परेशानी हो सकती है. कई लोगों के मन में यही सवाल आता है कि क्या बिल न भरने पर पुलिस कार्रवाई या जेल हो सकती है. यहां सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है. जान लीजिए ऐसे सिचुएशन के लिए कानून क्या कहता है? क्या वाकई क्रेडिट कार्ड बिल न चुकाने पर आप गिरफ्तार हो सकते हैं?
क्या लेट पेमेंट पर जेल हो सकती है?
अगर लेट पेमेंट की बात की जाए तो सिर्फ क्रेडिट कार्ड का बिल टाइम पर न भरना क्रिमिनल ऑफेंस नहीं है. यह पैसों के लेनदेन से जुड़ा सिविल मामला होता है. आम तौर पर बैंक या कार्ड कंपनी पहले रिमाइंडर भेजती है. फिर कॉल या ईमेल करती है. अगर बकाया लंबे समय तक नहीं चुकाया जाता.
तो मामला सिविल कोर्ट तक जा सकता है. कोर्ट रिकवरी का आदेश दे सकती है. लेकिन सिर्फ पेमेंट न करने पर गिरफ्तारी नहीं होती. यानी नार्मल डिफॉल्ट और अपराध अलग चीजें हैं. लेट फीस, ब्याज और पेनल्टी लग सकती है. पर सीधे जेल का नहीं होती है.
कब हो सकती है गिरफ्तारी?
जैसा कि हमने आपको बताया क्रेडिट कार्ड पेमेंट न करने पर आप सीधे गिरफ्तार नहीं हो सकते हैं. लेकिन जब धोखाधड़ी के सबूत मिलें. जैसे कार्ड बनवाते समय फर्जी दस्तावेज देना. इनकम की गलत जानकारी देना या शुरुआत से ही पेेमेंट न करने की इंटेंशन रखना. ऐसे मामलों में बैंक आपराधिक शिकायत दर्ज करा सकता है.
अगर जांच में यह साबित हो जाए कि इरादा ही धोखा देने का था. तो मामला क्रिमिनल ऑफेंस बन सकता है. तब पुलिस कार्रवाई और कोर्ट की सख्त प्रोसेस लागू हो सकती है. यानी लेट पेमेंट अलग है. लेकिन फ्रॉड साबित होना अलग और इसमें गिरफ्तारी हो सकती है.
बिल न चुकाने से क्या असर पड़ता है?
भले ही जेल का खतरा हर केस में न हो, लेकिन नुकसान कम नहीं होता. सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर गिरता है. एक या दो महीने की देरी भी स्कोर पर असर डाल सकती है. इसका असर आगे चलकर होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन पर पड़ता है.
इसके साथ ही लेट फीस और हाई इंटरेस्ट जुड़ते रहते हैं, जिससे बकाया रकम तेजी से बढ़ सकती है. कई महीनों तक भुगतान न करने पर रिकवरी एजेंट संपर्क करते हैं. वह कानूनी सीमा में रहकर ही बात कर सकते हैं. लेकिन लगातार कॉल मानसिक दबाव जरूर बढ़ा सकते हैं.
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Source: IOCL

























