ईरान-इजरायल में सीजफायर पर महबूबा मुफ्ती बोलीं, 'इस्लामिक देशों में...'
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ईरान पर इजरायल अब हमले नहीं करेगा. इससे लगता है कि अमेरिका और इजरायल चाहते थे कि सीजफायर हो.

Iran Israel Ceasefire: ईरान और इजरायल में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि छह घंटे के भीतर दोनों देश में सीजफायर हो जाएगा. इस बीच ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागी और कहा कि आगे हमले नहीं होंगे तो हम सीजफायर को लागू करते हैं.
इसको लेकर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं ईरान के लोगों, फौजी और लीडरशीप को सलाम करती हूं.
सबसे बड़ा हथियार ईमान है- मुफ्ती
मुफ्ती ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, ''जिस जज्बे से उन्होंने लड़ाई लड़ी, काबिले तारीफ है. न तो कोई हथियार था, न कोई परमाणु हथियार है...उनका सबसे बड़ा हथियार ईमान है. शहादत का जज्बा है. मुझे पूरा यकीन है कि अमेरिका जैसे सुपरपावर के दोस्त इजरायल को घुटने पर लाया है. अमेरिका के नहीं चाहते हुए भी, इस्लामिक देशों में ईरान का रुतबा बहुत ऊपर चला गया है. लीडरशीप का रोल मिल गया.''
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अमेरिका ने इजरायल के कहने पर ईराक, अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया को तबाह किया और लोकतंत्र का नाम लेते हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति की काफी इज्जत होती थी, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद इसकी इज्जत कम हुई है. ट्रंप क्या कहते हैं, क्या करते हैं, ये बड़ा सवाल है. ये दुनिया के लिए खतरे की घंटी है.
ये मुबारक दिन है- महबूबा मुफ्ती
उन्होंने कहा कि ईरान ने जो सीजफायर की शर्त रखी, कि इजरायल अब हमले नहीं करेगा. इससे लगता है कि अमेरिका और इजरायल चाहते थे कि सीजफायर हो. ट्रंप को कतर की मदद लेना पड़ा. ये मुबारक दिन है.
महबूबा मुफ्ती ने कहा, ''भारत-पाकिस्तान भी जंग के मुहाने पर थे. उसके बाद ये हो गया. इसमें अमेरिका का अहम रोल है. अमेरिका ही ये शुरू करता है. वही जंग शुरू करता है. डायरेक्ट या इनडायरेक्ट वही आता है. चीन और रूस का पॉजिटिव रोल है. ईरान का समर्थन किया. अमेरिका को बता दिया है कि आप जिसे तबाह करना चाहते हैं, हम उसके साथ हैं.''
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