Jammu-Kashmir: महबूबा मुफ्ती ने भारत-पाक रिश्तों पर दे दिया बड़ा बयान, कहा- 'दोनों देशों के बीच खेल...'
Mehbooba Mufti Slams BJP: पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद महबूबा मुफ्ती ने भारत-पाक के बीच खेलों के जरिए शांति बहाली की वकालत की.

पीडीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच खेल प्रतियोगिताएं दोबारा शुरू होनी चाहिए ताकि माहौल सामान्य हो और शांति की तरफ बढ़ा जा सके.
'शांति चाहिए तो खेल जरूरी हैं'
महबूबा ने कहा, 'अगर आप शांति से रहना चाहते हैं और युद्ध पर पैसा खर्च नहीं करना चाहते तो भारत और पाकिस्तान के बीच खेल प्रतियोगिताएं होनी चाहिए. अगर हम बेरोजगारी और गरीबी पर काबू पाना चाहते हैं, तो आपको स्थिति को सामान्य बनाना होगा और खेल इस लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है.'
पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
उन्होंने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारतीय सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरी स्थिति ने माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है.
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम के एक टूरिस्ट रिसॉर्ट पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक मारे गए थे. इसके जवाब में भारत ने 7 मई को सीमा पार आतंकियों के ढांचों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई की थी, जिसके बाद चार दिन तक भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य झड़प हुई थी.
'युद्ध खत्म, लेकिन माहौल नहीं बदला'
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भले ही युद्ध रुक गया हो, लेकिन देश में अभी भी युद्ध जैसा माहौल बना हुआ है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि वह कई बार परमाणु युद्ध टालने का श्रेय लेते रहे हैं.
बीजेपी ने गोडसे की राह पकड़ी- मुफ्ती
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 'भाजपा ने देश में ऐसा माहौल बना दिया है कि सभी पार्टियों को सरकार से पूछना पड़ रहा है कि पाकिस्तान से युद्ध विराम क्यों किया गया. अगर कोई बम गिराने की बात नहीं करता, तो उसे देशद्रोही कहा जाने लगा है.'
महबूबा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अटल बिहारी वाजपेयी की नीति को छोड़ दिया है और नाथूराम गोडसे की राह पकड़ ली है. उन्होंने कहा, 'हम अपने पड़ोसियों से बात नहीं करते, इसलिए दक्षेस (SAARC) जैसे संगठन चीन के प्रभाव में जा रहे हैं.'
उन्होंने चिंता जताई कि अब एक नया ट्रेंड बन गया है, जैसे ही आतंकी हमला होता है, तुरंत युद्ध शुरू हो जाता है. महबूबा ने साफ कहा कि ऐसा माहौल देश को नुकसान पहुंचाएगा, और इससे भारत की नेतृत्वकारी छवि को भी धक्का लगता है.
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Source: IOCL






















