Kashmir News: कश्मीर में बदलेगा मौसम, वादियों में बारिश और बर्फबारी के आसार, जानें मौसम का हाल
Kashmir Weather Update: कश्मीर में रिकॉर्ड गर्मी और बारिश की कमी के बाद मौसम बदलने वाला है. 7 से 17 मार्च के बीच कई जगह बादल, हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है.

फरवरी महीने और मार्च के पहले हफ्ते में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और ज्यादा से ज्यादा टेम्परेचर 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद मार्च महीने के दूसरे हफ्ते में कश्मीर घाटी के लोगों के लिए कुछ अच्छी खबर है. मौसम विभाग ने शनिवार को अगले कुछ दिनों में जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी के साथ आमतौर पर बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है.
श्रीनगर में मौसम विभाग के डायरेक्टर डॉ. मुख्तार अहमद के अनुसार 7 से 9 मार्च के दौरान जम्मू कश्मीर में मौसम में बदलाव के चलते बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 10 से 12 मार्च तक, इस इलाके में आमतौर पर बादल छाए रहने और कई जगहों पर ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. इस दौरान कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गंदेरबल और अनंतनाग के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है.
मौसम में बदलाव के साथ होगी हल्की बारिश या बर्फबारी
जानकारी के अनुसार, 13 से 15 मार्च तक मौसम आमतौर पर बादल छाए रहने और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 16 और 17 मार्च को भी ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है. इस बीच, मौसम विभाग ने किसानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें मौसम की संभावित गतिविधियों को देखते हुए 10 से 12 मार्च तक खेती का काम रोकने के लिए कहा गया है.
डॉ. अहमद ने यह भी कहा कि 9 मार्च के बाद केंद्र शासित प्रदेश में कई जगहों पर 12 मार्च तक दिन के तापमान में 4-6°C की गिरावट आने की संभावना है. फरवरी महीने में जहां 65 प्रतिशत से ज्यादा बारिश की कमी देखी गई, वहीं दिसंबर और जनवरी महीने में 83% से ज्यादा बारिश की कमी दर्ज की गई.
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श्रीनगर में दर्ज की गई मात्र 5.3 mm बारिश
फरवरी 2026 ने जम्मू और कश्मीर में बारिश के रिकॉर्ड बदल दिए हैं, कई खास मौसम ने या तो अब तक के सबसे कम रिकॉर्ड को तोड़ दिया. बदले मौसम की वजह से सर्दियों में गर्मी हुई और फरवरी में कम बारिश की वजह से J&K में सूखा जैसे हालात बन गए.
इस फरवरी में श्रीनगर में मात्र 5.3 mm बारिश रिकॉर्ड की गई और 1901 से मौजूद रिकॉर्ड के हिसाब से, यह 1960 के बाद फरवरी में सबसे कम बारिश है, जब 5.8 mm बारिश रिकॉर्ड की गई थी. डेटा के हिसाब से श्रीनगर शहर के लिए एक सदी से ज्यादा की रिकॉर्डिंग में 2026 सबसे ज्यादा सूखा फरवरी में से एक होगा.
जम्मू शहर में इस फरवरी रिकॉर्ड की गई 0 mm बारिश
जेमो डिवीजन की बात करें, तो जम्मू शहर में इस फरवरी में 0 mm बारिश रिकॉर्ड की गई. 1925 से मौजूद रिकॉर्ड बताते हैं कि फरवरी में इतनी पूरी तरह से बारिश न होना इससे पहले 1945 में एक बार हुआ है. इससे फरवरी 2026 101 साल के रिकॉर्ड किए गए डेटा में दूसरा जीरो-रेनफॉल वाला फरवरी बन जाता है, जो मैदानी इलाकों में सूखा के हालात की जिम्मेदार को दिखाता है.
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Source: IOCL
























