मीरवाइज उमर फारूक बोले, 'मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया गया, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण'
Kashmir News In Hindi: मीरवाइज उमर को आज जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज़ पढ़ाने से पहले हाउस अरेस्ट कर लिया गया, जो जमात की नमाज़ के लिए बंद थी.उन्होंने इसको लेकर एक्स पर टिप्पणी की है.

जम्मू कश्मीर में हुर्रियत के पूर्व चेयरमैन और मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा के हेड मीरवाइज उमर फारूक ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में घाटी में बढ़ी पाबंदियों पर चिंता जताई है. मीरवाइज उमर को आज जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज़ पढ़ाने से पहले हाउस अरेस्ट कर लिया गया, जो जमात की नमाज़ के लिए बंद थी.
इसको लेकर मीरवाइज ने X पर कहा, “घाटी में पाबंदियां जारी हैं और रमज़ान के पवित्र महीने में शुक्रवार को ये और बढ़ा दी गई हैं. मुझे भी हाउस अरेस्ट कर लिया गया है, और इन बहुत मुबारक दिनों में, जब हज़ारों लोग दुआ और रास्ता दिखाने के लिए मस्जिदों में आते हैं, जामा मस्जिद के मिंबर पर सन्नाटा है और मस्जिद की ओर जाने वाली सभी गलियों में बैरिकेडिंग कर दी गई है. यह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.”
कश्मीर में प्रदर्शन को देखते बढ़ीं पाबंदियां
ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के विरोध में जमात की नमाज़ के बाद विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते शुक्रवार को कश्मीर घाटी में आने-जाने पर पाबंदियां और बढ़ा दी गईं.
श्रीनगर शहर में सुबह-सुबह बड़ी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों को तैनात किया गया था ताकि भीड़ जमा न हो. अधिकारियों ने कहा कि शहर में आने वाले ज़रूरी चौराहों पर कंसर्टिना तार और बैरिकेड लगाए गए थे, साथ ही यह भी कहा कि ये कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम थे. हालांकि, मीरवाइज ने कहा कि आज कश्मीर में जो दुख है, वह सिर्फ पाबंदियों की वजह से नहीं है. उन्होंने कहा,
“दुनिया भर के मुसलमान वेस्ट एशिया में इजरायल और अमेरिका के हमले से दुखी और बहुत परेशान हैं.”
इजरायल और अमेरिका अपने फायदे में बिगाड़ रहा हालात- मीरवाइज
मीरवाइज ने कहा कि इजरायल और US अपने फायदे के हिसाब से इस इलाके को ‘नया रूप’ देना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "इसके लिए, वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, यहां तक कि एक देश के मुखिया और एक महान आध्यात्मिक नेता अयातुल्ला खामेनेई की बेरहमी से हत्या और एक आज़ाद देश ईरान पर हमला भी, जिससे पूरा इलाका संकट और दुख में डूब गया है." खामेनेई की हत्या पर हुए विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए, मीरवाइज़ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों ने इस हमले की निंदा की है और एक उम्मा (समुदाय) के तौर पर बंटवारे से आगे बढ़कर एक आवाज़ में एकजुटता दिखाई है.” उन्होंने कहा, “उम्मा ऐसे पलों में नहीं बंट सकती. जब किसी एक हिस्से पर नाइंसाफ़ी होती है, तो दर्द पूरे शरीर को होता है.”
ईरान और फिलिस्तीन के साथ एकजुट- मीरवाइज
मीरवाइज़ ने कहा कि वह ईरान और फ़िलिस्तीन के लोगों और उन सभी लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हैं जो इस इलाके और उससे आगे हमले का खामियाज़ा भुगत रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, “सभी इंसानों की जान कीमती है, और युद्ध और हिंसा इंसानों की बनाई मुसीबतें हैं जिनसे कीमती जानें जाती हैं. अल्लाह सबकी रक्षा करे, दुख मनाने वालों को सब्र दे, और ज़ुल्म करने वालों को जल्दी इंसाफ़ दिलाए और ज़ुल्म सहने वालों को आज़ाद करे.”
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























