Kashmir News: ईरान के लिए लद्दाख और कश्मीर से उठे मदद के हाथ, अब तक जुटाए गए 600 करोड़
Kashmir-Ladakh News In Hindi: कश्मीर-लद्दाख में ईरान के लिए अनोखा चंदा अभियान जारी है. 50 पैसे से लेकर लाखों तक की नीलामी हो रही है. एक अंडा 6 हजार और मुर्गा 1.25 लाख में बिका है.

कश्मीर और लद्दाख में ईरान के लोगों की मदद के लिए चलाए जा रहे चंदा अभियान ने सबको चौंका दिया है. बीते एक महीने में यहां लोगों ने दिल खोलकर दान दिया. जिसमें 50 पैसे के सिक्के से लेकर हजारों रुपये तक की नीलामी देखने को मिली. एक अंडे की कीमत 6 हजार रुपये तक पहुंच गई. वहीं एक मुर्गा 1.25 लाख रुपये में नीलाम हुआ.
लोगों ने नकद के साथ-साथ सोना-चांदी, जमीन, पालतू जानवर, बाइक और कारें भी दान में दीं. बताया जा रहा है कि इस अभियान के जरिए अब तक 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जुटाई जा चुकी है, जो ईरान के लोगों के प्रति गहरे भावनात्मक और धार्मिक जुड़ाव को दर्शाता है.
25 हजार रुपये में अंडे की हुई नीलामी
जानकारी के अनुसार, लेह में अंजुमन इमामिया लेह और मजलिस-ए-उलेमा लेह द्वारा आयोजित एक विशेष नीलामी और दान अभियान के दौरान जिसका मकसद ईरान में राहत कार्यों में मदद करना था. एक अंडे की नीलामी 25,000 रुपये में हुई. इस कार्यक्रम में समुदाय द्वारा दान किए गए गहने, कपड़े, फर्नीचर, नकद और अन्य सामान शामिल थे. लेकिन एकजुटता का एक अनोखा उदाहरण तब देखने को मिला जब एक अंडे की नीलामी 25,000 रुपये में हुई, जिसने वहां के निवासियों की दरियादिली और हमदर्दी को बखूबी दिखाया.
अंडा खरीदने वाले हुसैन ने कहा कि हम जानते हैं कि एक अंडे की कीमत महज 10 रुपये होती है, लेकिन इसे इतनी बड़ी रकम में खरीदना यह साबित करता है कि किसी भी नेक काम में दिया गया कोई भी दान छोटा नहीं होता. पिछले महीने, कारगिल जिले के गुंड मंगलपुर इलाके में भी कुछ इसी तरह की, लेकिन बेहद प्रेरणादायक घटना घटी. यह घटना ईरान के लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने और उन्हें मदद पहुंचाने के लिए आयोजित एक दान अभियान के दौरान हुई.
ईरान के लिए इकट्ठा किए गए राहत-सामान की नीलामी चल रही थी, तभी एक व्यक्ति द्वारा दान में दिया गया एक मुर्गा बोली लगाने के लिए पेश किया गया. वहां मौजूद लोगों ने असाधारण उत्साह दिखाते हुए इस मामूली से दान को बहुत ज्यादा अहमियत दी और आखिरकार एक परोपकारी व्यक्ति ने उस मुर्गे को 1,25,000 रुपये की बड़ी रकम देकर खरीद लिया.
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वैश्विक स्तर पर मानवीय मुद्दों के प्रति संवेदनशील हैं लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि कारगिल के लोग वैश्विक स्तर पर मानवीय मुद्दों के प्रति कितने संवेदनशील हैं और मुश्किल समय में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं. 24 मार्च को श्रीनगर, कश्मीर में हुई एक नीलामी में 50 पैसे का एक सिक्का जो अब लगभग चलन से बाहर हो चुका है, 17,000 रुपये में बिका. यह नीलामी युद्ध-ग्रस्त ईरान के लिए फंड जुटाने के मकसद से चलाए जा रहे एक डोनेशन अभियान के दौरान हुई थी.
डल झील के मीर बेहरी इलाके में शुरू हुए इस डोनेशन अभियान के दौरान, एक पांच साल के बच्चे ने मीर बेहरी के लाटी मोहल्ले में राहत कार्यों के लिए अपना गुल्लक दान कर दिया. बच्चे ने मिट्टी के जिस बर्तन (गुल्लक) में अपनी बचत जमा की थी, उसमें 50 पैसे का एक सिक्का भी शामिल था. बाद में इस सिक्के की नीलामी की गई और सबसे ऊंची बोली एक स्थानीय निवासी जावेद अहमद सूफी ने लगाई. उन्होंने कहा कि यह बोली बच्चे के त्याग के प्रति सम्मान और राहत कार्यों को समर्थन देने का प्रतीक है.
कश्मीर घाटी और लद्दाख क्षेत्र में जारी है डोनेशन अभियान
हालांकि कश्मीर घाटी और लद्दाख क्षेत्र में डोनेशन इकट्ठा करने का अभियान अभी भी जारी है. लेकिन सरकारी पाबंदियों के चलते यह पैसा अभी तक ईरानी लोगों तक नहीं पहुंच पाया है. पैसा इकट्ठा करके भारत में मौजूद ईरानी दूतावास के आधिकारिक खाते में जमा किया जा रहा है. लेकिन ईरान पर लगी अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग पाबंदियों के कारण भारतीय रिजर्व बैंक ने इस खाते पर भी कुछ पाबंदियां लगा रखी हैं, जिसके चलते यह पैसा भारत में ही फंसा हुआ है.
लेकिन इन पाबंदियों और सीमाओं के बावजूद, लोग पूरे क्षेत्र में बढ़-चढ़कर पैसे और डोनेशन दे रहे हैं. जैसे-जैसे ईरान में युद्ध की तीव्रता हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है. लोगों की भावनाएं और भी प्रबल हो सकती हैं और हो सकता है कि डोनेशन इकट्ठा करने के लिए और भी जोरदार अभियान चलाए जाएं.
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