किश्तवाड़: चिनाब में गिरी बोलेरो, 5 लोगों की दर्दनाक मौत
Kishtwar News In Hindi: किश्तवाड़ के दच्छन इलाके में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है. डंगदारू से साउंडर जा रही बोलेरो बेकाबू होकर चिनाब नदी में गिर गई. नदी से 5 शव बरामद किए गए हैं.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. पहाड़ी रास्तों पर सफर के दौरान एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम पांच लोगों की असमय मौत हो गई है. यह दुखद दुर्घटना शनिवार को उस वक्त घटी जब एक तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई से लुढ़कते हुए सीधे उफनती चिनाब नदी में जा गिरी. इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित ड्राइविंग और संकरे रास्तों के खतरों को उजागर कर दिया है.
अधिकारियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा किश्तवाड़ जिले के बेहद दुर्गम दच्छन इलाके में हुआ. शनिवार सुबह करीब 10:45 बजे एक महिंद्रा बोलेरो (जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर HR29AG-0648 बताया जा रहा है) डंगदारू इलाके के यैनवान से साउंडर की ओर जा रही थी. इसी दौरान चालक ने गाड़ी के स्टीयरिंग से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो दिया. अनियंत्रित होने के बाद बोलेरो सड़क किनारे से तेजी से फिसलकर गहरी खाइयों में लुढ़कती चली गई और अंततः विशाल चिनाब नदी के तेज बहाव में गिरकर समा गई.
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बचाव और राहत कार्य जारी, पांच शव बरामद
हादसे की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में चीख-पुकार और हड़कंप मच गया. तुरंत ही स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी. खबर मिलते ही दच्छन पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम, गोताखोरों और अन्य बचाव कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई. पुलिस और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से चिनाब नदी में गिरी गाड़ी और उसमें फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अधिकारियों ने दुखद जानकारी देते हुए बताया है कि अब तक नदी से पांच शव बरामद किए जा चुके हैं.
मृतकों की पहचान और यात्रियों की संख्या स्पष्ट नहीं
फिलहाल, नदी से बरामद किए गए शवों की आधिकारिक शिनाख्त (पहचान) अभी तक नहीं हो पाई है. पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता सबसे पहले बचाव कार्य को पूरा करने और अन्य लोगों की तलाश करने की है. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के समय बोलेरो गाड़ी में कुल कितने लोग सवार थे, इसकी सटीक संख्या अभी तक पता नहीं चल सकी है. आशंका जताई जा रही है कि दुर्घटना में हताहतों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि बचाव और रिकवरी (Recovery) का काम नदी के मुश्किल हालात और तेज बहाव के बीच अभी भी युद्ध स्तर पर जारी है.
स्थानीय प्रशासन ने इस जानलेवा सड़क दुर्घटना के असल कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच भी शुरू कर दी है. क्या यह मानवीय भूल थी, गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी आई थी, या फिर रास्ते की जर्जर हालत इस दर्दनाक हादसे का कारण बनी, इन सभी अहम पहलुओं की पुलिस द्वारा बारीकी से जांच की जा रही है.
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