जम्मू-कश्मीर से अर्धसैनिक बलों की 150 कंपनियों को अस्थाई रूप से वापस बुलाने का फैसला, जानें वजह
Jammu Kashmir News: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की कंपनियों को कश्मीर और जम्मू, दोनों डिवीजनों से वापस बुलाया जा रहा है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पांच राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों, खासकर संवेदनशील पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर से अर्धसैनिक बलों की लगभग 150 कंपनियों को अस्थायी रूप से वापस बुलाने का फैसला किया है. प्रशासन को इस बारे में निर्देश दिए गए हैं. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की कंपनियों को कश्मीर और जम्मू, दोनों डिवीजनों से वापस बुलाया जा रहा है, लेकिन जम्मू के पहाड़ी इलाकों को इससे अछूता रखा गया है, जहां आतंकवाद-विरोधी अभियान तेजी से चलाए जा रहे हैं.
अधिकारियों ने इन घटनाक्रमों की पुष्टि करते हुए कहा, "डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर, रियासी, राजौरी और पुंछ के पहाड़ी इलाकों को इस अस्थायी वापसी से बाहर रखा गया है. इसके विपरीत, वहां सुरक्षा बलों की मौजूदगी को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि अभियानों में तेजी लाई जा सके, क्योंकि अब बर्फ धीरे-धीरे पिघलना शुरू हो गई है."
चुनाव के बाद अर्धसैनिक बलों की फिर से होगी तैनाती
इन कंपनियों की वापसी के बाद पैदा हुए खाली जगहों को आंतरिक संसाधनों से भरने के लिए, जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP), आर्म्ड पुलिस और इंडियन रिज़र्व पुलिस (IRP) के जवानों को अन्य बलों के साथ मिलकर फिर से तैनात किया जा रहा है. हालांकि, केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को यह भरोसा दिलाया गया है कि जैसे ही इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, अर्धसैनिक बलों की ये कंपनियां वापस लौट आएंगी.
कम सुरक्षा जोखिम वाले इलाकों से अर्धसैनिक बलों की वापसी
उन्होंने बताया, "वापसी का पहला चरण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी दो चरण अगले एक हफ्ते में पूरे हो जाएंगे." उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों को उन इलाकों से वापस बुलाया गया है, जहां सुरक्षा का जोखिम कम है, और उनकी जगह जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP), आर्म्ड पुलिस, इंडियन रिजर्व पुलिस (IRP) और केंद्र शासित प्रदेश के भीतर उपलब्ध अन्य संसाधनों को तैनात किया जा रहा है.
खुफिया एजेंसियों की समीक्षा के बाद पहल
सूत्रों के अनुसार, अर्धसैनिक बलों के जवानों की यह वापसी विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों द्वारा की गई कई समीक्षाओं के बाद हुई है. इन एजेंसियों ने उन इलाकों की पहचान की थी, जहां से जवानों को कुछ समय के लिए वापस बुलाया जा सकता है. UT प्रशासन को यह आश्वासन दिया गया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही दिनों के भीतर अर्धसैनिक बल वापस आ जाएंगे और जम्मू-कश्मीर पहुंच जाएंगे, ताकि श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा के वार्षिक तीर्थयात्रा का सुचारू रूप से संचालन किया जा सके. यह यात्रा श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) द्वारा अभी घोषित किए जाने वाले कार्यक्रम पर निर्भर करेगी.
कहां-कहां होने हैं विधानसभा के चुनाव?
केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को है. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को और पश्चिम बंगाल में दो चरणों में—23 और 29 अप्रैल को वोटिंग निर्धारित हैं. वोटों की गिनती 4 मई को होगी. सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर से हटाए जा रहे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को केवल पश्चिम बंगाल में ही तैनात किया जाएगा, जो इस महीने चुनाव में जा रहे सभी राज्यों/UTs में सबसे संवेदनशील है.
ऐसी खबरें थीं कि कठुआ, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ जिलों के ऊपरी इलाकों में कुछ और आतंकवादी छिपे हो सकते हैं. हालांकि, वे एक पहाड़ से दूसरे पहाड़ पर आते-जाते रहते हैं, क्योंकि ये पहाड़ पीर पंजाल पर्वतमाला से जुड़े हुए हैं.






















